Desk: एक तरफ जहां कोरोना महामारी के कारण देश में 9.3 करोड़ से ज्यादा मजदूरों का रोजगार छिन गया था. तो वहीं कोरोना वैकसीन आने के बाद से सभी कुशल मजदूरों को सरकार द्वारा वापस काम पर बुलाया जा रहा हैं. ऐसे में सरकार के किए गए इस वादें को कुछ सरकारी अधिकारी पूरा नहीं होने देना चाह रहे हैं.
मामला बिहार के जहानाबाद जिले के नंदना गांव के घोसी थाना का है. जहां सूर्य भूषण नाम के एक व्यक्ति को सरकारी अधिकारी द्वारा मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पर रहा हैं. दरअसल सूर्य भूषण को सरकार द्वारा तय दिहाड़ी के बदले उस से कम पैसे मिल रहे थे. ऐसे में जब उसने इसका विरोध किया तो उसे काम से हटा दिया गया. जिसके बाद उसने कारवाई की मांग उठाई हैं.
दरअसल इस संबंध में सूर्य भूषण ने कहा कि मैं करीब 1987 से दैनिक मजदूर के तौर पर जहानाबाद नर्सरी में कार्यरत हूं. डीएफओ के द्वारा मुझे 2019 में कुशल मजदूर की श्रेणी में डाल दिया गया था. ऐसे में मुझे सरकार द्वारा 352 रुपये पर रखा गया था लेकिन विभाग के द्वारा ( फॉरेस्टर और गार्ड) ₹340 के हिसाब से ही पेमेंट किया जा रहा था. जब मेंने इसका विरोध किया तो मुझे काम से हटा दिया गया और मेरा बाकि का पेमेंट भी रख लिया गया.
बातचीत के दौरान उन्होंने अपना दुख साझा करते हुए बाताया कि वह अपने परिवार में एकलौते कमाउ व्यक्ति है. ऐसे में काम से हटा देने और पेमेंट नहीं देने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं. आपको बता दें कि फिलहाल सूर्य भूषण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल कर इस मामले पर कारवाई करने की मांग कर रहे हैं.