बिहारीगंज की सभा में शरद यादव को याद कर भावुक हुए राहुल गांधी, लोगों से सुभाषिनी को जिताने की अपील की

By Team Live Bihar 67 Views
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7 नवंबर को बिहार में तीसरे चरण का चुनाव होना है. इसको लेकर प्रचार कार्यक्रम जोरों से चल रहा है. आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मधेपुरा पहुंचे. यहां उन्होंने बिहारीगंज विधानसभा सीट से महागठबंधन समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी सुभाषिनी यादव के लिए लोगों से वोट की अपील की. साथ ही एनडीए सरकार पर बड़ा हमला बोला. राहुल गांधी ने पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला.

मंच से शरद यादव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी भावुक हो उठे. शरद यादव को अपना राजनीतिक गुरू करार देते हुए कहा कि आज जब मैं हेलीकॉप्टर से उतरा और मैं यहां स्टेज पर आ रहा था तब मुझे शरद यादव जी की याद आयी और मुझे दुख हुआ. लेकिन खुशी का दिन है, उनकी बेटी चुनाव लड़ रही हैं. मगर दिल में दुख है कि शरद यादव जी बीमार हैं और वो आज यहां नहीं आ पाए.

उन्होंने कहा कि शरद यादव जी की हिस्ट्री, उनकी राजनीति गरीबों की राजनीति है. पहले शरद यादव जी और कांग्रेस के बीच में लड़ाई होती थी. कुछ साल पहले आंध्रप्रदेश में एक प्रोग्राम हुआ उसमें मैं भी गया और शरद यादव जी भी थे. शरद यादव जी का मैंने भाषण सुना, और जब हम वापस जा रहे थे तो काफी भीड़ थी, धक्का-मुक्की चल रही थी. मैंने देखा कि शरद यादव जी खड़े थे तो मैंने उनसे कहा कि आप मेरे साथ चलिए और अपनी गाड़ी में बिठा लिया. 2 घन्टे का रास्ता था, और मैं आपको बताना चाहता हूं कि दो घन्टे में शरद यादव जी ने मुझे सिखाया हिंदुस्तान की राजनीति के बारे में शायद उससे ज्यादा किसी ने मुझे नहीं सिखाया.

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने उनकी बेटी से कहा कि देखो तुम्हारे पिता आज अस्पताल में हैं उन्होंने मुझे बहुत सिखाया. एक प्रकार से हमारे इतिहास में वो मेरे गुरु हैं. और अगर वो मेरे गुरु हैं तो तुम मेरी बहन हो और तुम्हारी रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है. मैंने ये बात बिहार चुनाव में किसी भी भाषण में नहीं कही जो मैं कहने जा रहा हूँ. मैं आपसे गारंटी चाहता हूं कि शरद जी की बेटी को आप चुनाव जिताओगे. मैं अपने लिए नहीं कह रहा हूं. मैं आपके लिए और शरद यादव जी जो आपके नेता हैं उनके लिए कह रहा हूं.

वहीं केन्द्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दोनों ने बिहार की जनता को धोखा देने का काम किया है. कोरोना काल में बिहारी मजदूरों को मोदी ने खून के आंसू रूलाने का काम किया तो नीतीश कुमार जी ने उन सभी को बिहार में आने नहीं दिया. आखिर किस मुंह से ये लोग बिहार के लोगों से वोट मांग रहे हैं. जनता इनको सबक सिखाएगी.

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