रक्सौल: देश में नरेंद्र मोदी सरकार के आते ही अमृत भारत की चर्चाएं तेज हो गई तो भारतीय रेलवे ने भी अपने स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत सजाने का संकल्प लिया। अंतरराष्ट्रीय महत्व के शहर रक्सौल रेलवे स्टेशन भी इसी लिस्ट में शामिल हैं। लेकिन ठंडी बस्ती में पड़े इस योजना के बीच रक्सौल की सबसे बड़ी समस्या आज यात्रियों के मूलभूत सुविधाओं को लेकर कर है।
जिस रेलवे स्टेशन पर देश-विदेश की यात्री हर दिन लंबी यात्रा कर पहुंचते हैं वहां शौचालय की समस्या उन्हें झेलनी पड़ती है और जो शौचालय यहां बने हैं उसपर एक दबंग ने कब्जा किया हुआ है और मनमाने शुल्क से उसकी कमाई का हिसाब लेने वाला कोई नहीं है। इसका नतीजा यहां आने वाले यात्री भुगतते हैं और मजबूरन मनमानी शुल्क देते हैं। यह समस्या रक्सौल रेलवे स्टेशन पर शौचालय नहीं होने के कारण है।
रक्सौल स्टेशन पर शौचालय समस्या को लेकर डीआरयूसीसी सदस्य अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि
यहां शौचालय की समस्या गंभीर है और यात्रियों के लिए असुविधाजनक स्थिति पैदा कर रही है। यात्रियों से मनमाने ढंग से शुल्क वसूला जाना न केवल अनुचित है, बल्कि रेलवे की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इस समस्या को पूर्व रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाया जायगा और उनसे तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जायेगा ।
रक्सौल रेलवे स्टेशन पर शौचालय की समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर शौचालय की अनुपलब्धता के कारण बुजुर्ग महिलाओं को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर जाना पड़ता है। यह न केवल असुविधाजनक है, बल्कि कई बार सुरक्षा और समय की समस्या भी खड़ी कर देता है। इस स्थिति में बुजुर्ग यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय यात्रियों और डीआरयूसीसी सदस्य अरुण कुमार गुप्ता ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर शौचालय की सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।उन्होंने कहा,‘यात्रियों की सुविधा के लिए स्वच्छ और नि:शुल्क शौचालय की उपलब्धता रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मैं इस मुद्दे पर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद करता हूं।‘
इस रेलवे स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म हैं , लेकिन सुविधा केवल एक पर ही दी गई है। प्लेटफार्म नम्बर 1 पर उपलब्ध शौचालय के गेट पर ऊपर एक कील ठोक कर अंकित शुल्क को ढक दिया गया है,ताकि यात्रियों को पता न चल सके और शौचालय के नाम पर मनमानी ढंग से यात्रियों से पैसा वसूला जा सके। जहां एक तरफ स्वच्छता अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनवाने के लिए योजना का संचालन कर लोगों से शौचालय के उपयोग पर बल दिया जा रहा है वहीं इस स्टेशन पर शौचालय का अभाव यात्रियों के लिए परेशानी का सबब साबित हो रहा है। इसे लेकर यात्रियों में व्यापक रोष भी है।
वैसे रेलवे स्टेशन पर बने दो शौचालयों में कब्जा के बावजूद एक तो काम कर रहा है। वहीं दूसरे शौचालय में ताला लटकता रहता है। ऐसे में दूर-दराज से आए यात्रियों को जरूरत पड़ी, तो समस्या खड़ी हो जाती है। इस दौरान स्टेशन के आसपास स्थित झाड़ियों व रेलवे तालाब के किनारे का सहारा लेने को लोग विवश होते है।
सबसे ज्यादा परेशानी तो महिला यात्रियों को होती है। शौचालय की आवश्यकता पड़ने पर वे कहां जाएं यह बड़ा सवाल उत्पन्न हो जाता है। यही कारण है कि यात्रियों में विभागीय उदासीनता को लेकर व्यापक रोष देखा जा रहा है। यात्रियों को होने वाली समस्या को देखते हुए स्थानीय निवासी व स्वच्छ रक्सौल अभियान मंच के संरक्षक रणजीत सिंह सामाजिक कार्यकर्ता ने रेल प्रशासन का ध्यानकृष्ट कराते हुए स्टेशन पर शौचालय की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही शौचालय के नाम पर यात्रियों से अत्यधिक पैसा लूटने पर रोक लगाने और उन लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।