बिहार में अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारियों की हड़ताल अब सरकार के लिए बड़ा प्रशासनिक मुद्दा बनती जा रही है। जमीन से जुड़े कामकाज और प्रमाणपत्र सेवाएं प्रभावित होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए हड़ताल पर डटे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
- Revenue Officers Strike Bihar: जिलों से मांगी गई उपस्थिति रिपोर्ट
- Bihar Land Revenue Department: हड़ताल में शामिल अधिकारियों की सूची तैयार
- Vijay Kumar Sinha Action: पांच अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार
- Bihar Administration Action: हड़ताल पर सरकार की सख्त चेतावनी
- Bihar Public Services Impact: जनता को हो रही परेशानी
- Bihar Government Message: काम नहीं तो कार्रवाई तय
राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से अधिकारियों की उपस्थिति और कार्य स्थिति का विस्तृत ब्योरा जिलों से मांगा गया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर हड़ताल के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित होता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
बुधवार को भी हड़ताल के तीसरे दिन बड़ी संख्या में अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी काम से दूर रहे, जिसके कारण राज्य के कई अंचल कार्यालयों में कामकाज लगभग ठप रहा।
Revenue Officers Strike Bihar: जिलों से मांगी गई उपस्थिति रिपोर्ट
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल की स्थिति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कवायद शुरू की है।
विभाग ने बिहार राजस्व सेवा संवर्ग के तहत कार्यरत अधिकारियों की उपस्थिति का पूरा विवरण जिलों से तलब किया है। इसके लिए विभाग की ओर से कई वरिष्ठ अधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजा गया है।
इनमें शामिल हैं:
• भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक
• भू-अर्जन निदेशालय के निदेशक
• चकबंदी निदेशालय के निदेशक
• सभी प्रमंडलीय आयुक्त
• राज्य के सभी जिलाधिकारी
इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत राजस्व अधिकारियों की स्थिति का पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं।
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Bihar Land Revenue Department: हड़ताल में शामिल अधिकारियों की सूची तैयार
सरकार ने निर्देश दिया है कि 9 मार्च से शुरू हुई हड़ताल के दौरान कौन-कौन अधिकारी अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहे और कौन हड़ताल में शामिल हैं, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए।
इसके साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि 2 फरवरी से लेकर अब तक किन-किन अंचलों में कामकाज प्रभावित हुआ है।
सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगी। अगर पाया गया कि अधिकारियों की अनुपस्थिति से सरकारी कामकाज बाधित हुआ है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
Vijay Kumar Sinha Action: पांच अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार
प्रशासनिक सख्ती का संकेत उस समय भी मिला जब बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने बिहार राजस्व सेवा के पांच अधिकारियों के त्यागपत्र स्वीकार कर लिए।
जिलाधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर इन अधिकारियों के इस्तीफे को उनकी आवेदन तिथि से प्रभावी मानते हुए मंजूरी दे दी गई।
जिन अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए उनमें शामिल हैं:
• अंशु कुमार – तत्कालीन अंचलाधिकारी, गोरौल (वैशाली)
• राजन कुमार – राजस्व अधिकारी, बिक्रमगंज (रोहतास)
• शिवांगी पांडेय – राजस्व अधिकारी, परसा (सारण)
• अंकिता वर्मा – अंचलाधिकारी, राजपुर (रोहतास)
• स्मृति कुमारी – राजस्व अधिकारी, हाजीपुर सदर
इन सभी के त्यागपत्र को औपचारिक आदेश जारी कर स्वीकार कर लिया गया है।
Bihar Administration Action: हड़ताल पर सरकार की सख्त चेतावनी
राजस्व विभाग के 100 दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर गए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी थी।
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी ड्यूटी से गैरहाजिर हैं, उनके अनुपस्थित दिनों की गणना की जा रही है।
सिन्हा ने कहा कि अगर कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभाता है तो उसके खिलाफ सेवा समाप्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
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Bihar Public Services Impact: जनता को हो रही परेशानी
अंचल कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने से आम लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हो रही हैं:
• जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज के मामले
• आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र
• भूमि अभिलेख से संबंधित कार्य
• सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज
इन सेवाओं के ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
Bihar Government Message: काम नहीं तो कार्रवाई तय
सरकार की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि प्रशासनिक कामकाज बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विभाग का कहना है कि अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटते हैं तो उनके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाना प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
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