देश में जातिगत जनगणना कराने और आरक्षण बढ़ाने के लिए राजद का धरना

By Team Live Bihar 79 Views
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पटना: राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत जनगणना कराने और बिहार में आरक्षण की सीमा को 65 बढ़ाये जाने के निर्णय को नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर राजद नेताओं व कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न जगहों पर धरना दिया। पटना में राजद कार्यालय के सामने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी धरने पर बैठे। उनके साथ राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, राज्यसभा सांसद संजय यादव, विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्धकी, जय प्रकाश नारायण, उदय नारायण चौधरी सहित संगठन के तमाम पदाधिकारी धरने पर बैठे और नीतीश सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।

इस दौरान तेजस्वी यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह आरक्षण को खत्म करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि राजद सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगा। उन्होंने कहा कि वे सरकार को जातिगत जनगणना कराने के लिए मजबूर करेंगे। जातिगत जनगणना की हमारी मांग बहुत पुरानी है। तेजस्वी ने जदयू पर हमला बोलते हुए कहा कि वहीं ना बोलते थे कि शेड्यूल 9 में इसको डाला जाए। हम लोग इस बात को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन वो लोग क्या कर रहे हैं? तेजस्वी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव जब जनता दल के अध्यक्ष थे, तभी से यह हमारी मांग रही है। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सामने भी जातिगत जनगणना की मांग उठाई थी। इस मुद्दे पर उन्होंने संसद में पुरजोर तरीके से अपनी बात रखी थी और जब सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया था, तभी संसद चलने दी थी।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने 10 वर्षों बाद होने वाली 2021 की जनगणना भी नहीं कराई। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने ओबीसी, एससी और एसटी के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया था, हमने इसे अनुसूची 9 में शामिल करने की बात कही थी, लेकिन भारत सरकार ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। मामला विचाराधीन है। हम जानते थे कि भाजपा ऐसा नहीं चाहती थी। तेजस्वी ने कहा कि यह साफ दिख रहा है कि भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछड़ों, दलितों के खिलाफ हैं और चाहे कुछ भी हो जाए, हमारी पार्टी और हमारे लोग इस आरक्षण को शामिल करेंगे। वहीं बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि सत्ता में यही लोग बैठे हैं, केंद्र में भी सरकार है, फिर भी ये लोग बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दे सके। उल्टा जब केंद्र ने मना कर दिया तो ये लोग ताली बजा रहे थे। तेजस्वी ने कहा कि केंद्र बिहार के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।

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