Sambhu girls hostel: पटना में शम्भू गर्ल्स हॉस्टल मौत से खौफनाक सनसनी — पूरा मामला सामने
पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने बिहार भर में भारी बहस और विरोध की लहर खड़ी कर दी है। यह मामला 6 जनवरी को तब प्रकाश में आया जब छात्रा की हालत अचानक गंभीर हो गई और उसे तत्काल इलाज के लिए मेदांता अस्पताल भेजा गया। परिवार और हॉस्टल प्रबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच छात्रा की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई।
- Sambhu girls hostel: पटना में शम्भू गर्ल्स हॉस्टल मौत से खौफनाक सनसनी — पूरा मामला सामने
- Sambhu girls hostel: परिजन बोले — मौत सामान्य नहीं, लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप
- Sambhu girls hostel: पुलिस और SIT जांच — सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों का विश्लेषण
- Sambhu girls hostel: न्याय की मांग और अगली कार्रवाई
परिजनों ने शुरुआत से ही इसे मामूली बीमारी या आत्महत्या बताया जाने के बयानों को खारिज करते हुए बताया कि यह मौत सामान्य नहीं बल्कि गंभीर दुर्भाग्यपूर्ण और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।
Sambhu girls hostel: कोर्ट ने आरोपी हॉस्टल मालिक की जमानत याचिका ठुकराई
पटना की प्रथम श्रेणी की न्यायिक दंडाधिकारी प्रियंका कुमारी की अदालत ने मुख्य आरोपी एवं हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उसे सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मामले की गंभीरता बेहद उच्च है तथा जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए आरोपी को जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने जमानत की दलीलें पेश कीं, लेकिन सरकारी वकील और पीड़िता पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। अदालत ने भी यह माना कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और गहन जांच का समय अब भी आवश्यक है।
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Sambhu girls hostel: परिजन बोले — मौत सामान्य नहीं, लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप

परिजनों ने पुलिस और हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए कि उनकी बेटी के साथ लापरवाही और दुर्व्यवहार हुआ है। परिवार का कहना था कि यदि समय पर उचित इलाज और कार्रवाई होती तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी।
उन्होंने निर्भीक और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि छात्रा की मौत सिर्फ बीमारी या आत्महत्या जैसी वजह से नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे कहीं अन्य गंभीर तथ्य मौजूद हैं।
Sambhu girls hostel: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या संकेत मिले?
संदिग्ध मौत की जांच के दौरान पीएमसीएच के पोस्टमार्टम में यौन हिंसा और संघर्ष के संकेत पाए गए, जो पुलिस के प्रारंभिक बयानों से बिलकुल भिन्न थे। पुलिस पहले इस मामले को नींद की दवा के ओवरडोज और आत्महत्या से जोड़ने की कोशिश कर रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले की दिशा ही बदल दी।
Sambhu girls hostel: पुलिस और SIT जांच — सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों का विश्लेषण
पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही SIT जांच भी चल रही है, जिसमें अब तक कई महत्वपूर्ण तथ्य, दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज जब्त किए जा चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार:
• हॉस्टल प्रबंधन, अस्पताल और जांच एजेंसियों से पूछताछ की गई।
• सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों को गहनता से जांच के लिए बिहार के DGP विनय कुमार को सौंपा गया है।
Sambhu girls hostel: सामाजिक-राजनीतिक स्तर पर गूंज — प्रश्न और मांगें तेज
इस घटना के सामने आने के बाद न सिर्फ छात्र-छात्राओं बल्कि समाज, राजनीति और मानवाधिकार संगठनों के बीच भी गंभीर सवाल उठे हैं। छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा, हॉस्टल और टेस्ट प्रिपरेशन सेंटर जैसी संस्थाओं के निगरानी मानकों, तथा कानून-व्यवस्था पर लोगों ने नाराज़गी जताई है।
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Sambhu girls hostel: न्याय की मांग और अगली कार्रवाई
पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल की यह दिल दहला देने वाली घटना अब न्याय और निष्पक्ष जांच की अपेक्षा में बदल चुकी है। अदालत ने जमानत न देने का फैसला लिया है और जांच एजेंसियाँ पूरे जोश के साथ तथ्यों को उजागर करने की कोशिश कर रही हैं।
यह मामला न केवल एक student’s death का मामला है, बल्कि महिला सुरक्षा, हॉस्टल व्यवस्थाओं की जवाबदेही और न्याय प्रणाली की भूमिका को भी चुनौती देता है।
आगे की जांच रिपोर्टों के आधार पर इस मामले में और नए आरोप, सबूत तथा कार्रवाई सामने आने की संभावना है।
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