पटनाः राजद विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला है. सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार को कृषि के क्षेत्र में बिहार में हुए विकास का आंकड़ा दिखाते हुए कहीं से भी चुनाव लड़ने की भी चुनौती दे डाली है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुला पत्र लिखते हुए सुधाकर सिंह ने कई सवाल भी पूछे हैं.
अपने आप को जीरो जानकारी वाला विधायक बताकर सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कहा कि अगामी चुनावों में अपने पसंद का कोई भी क्षेत्र चुन लिजियेगा, जनता इसका उदाहरण के साथ पुष्टि भी कर देगी कि बिहार के लोगों का आपसे भरोसा उठ चुका है और जनता वाकई मालिक है. आगामी बजट सत्र में एक बार फिर से बिहार में कृषि मंडी कानून के लिए निजी विधयेक पेश करूंगा. इस बार अगले दरवाजे से आकर बहस के लिए तैयार रहिएगा.
उन्होंने कहा है कि, आपसे यदि कोई नीतिगत मुद्दे पर तार्किक सवाल कर दे तो आपका एक ही घिसा-पिटा जवाब होता है कि सवाल पूछने वाले को कुछ नहीं पता है। खैर, आपके जैसे प्रकांड विद्वान के सामने हमारी क्या बिसात! लेकिन, आप हर सवाल और हर मुद्दे पर आप यही राग अपनाए रहते हैं कि बहुत काम हुआ है इसलिए आप ही के सरकार के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के साथ बिहार की खेती किसानी से जुड़ी कुछ बातों का जिक्र कर रहा हूं।
सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार राज्य की जीडीपी में कृषि का योगदान लगभग 18-19 फ़ीसद है। लेकिन कृषि का अपना ग्रोथ रेट लगातार कम हुआ है। साल 2005-2010 के बीच ये ग्रोथ रेट 5.4 फीसदी था 2010-14 के बीच 3.7 फीसदी हुआ और अब 1-2 फीसदी के बीच है। अगर असल विकास दर के हिसाब से देखें तो यह ग्रोथ रेट नेगेटिव में है। क्योंकि जिन फसलों की वैज्ञानिक पद्धति से फसल कटाई होती है उन फसलों में प्रगति नकारात्मक है। 2012 में जब दूसरा कृषि रोड मैप लागु किया गया था, बिहार में कुल खाद्यान्न उत्पादन 177.8 लाख टन था, जबकि 2022 में यह 176.02 लाख टन है, जो की दस सालो के बाद “एक लाख टन कम” है। कृषि रोड मैप में क़रीब 3 लाख करोड़ रुपए खर्च करके यही फायदा हुआ ना की बिहार में अनाज की पैदावार एक लाख टन घट गई ?