बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति से पहले एक बड़ा राजनीतिक और पारिवारिक संकेत सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पहली बार अपने परिवार से अलग चूड़ा-दही भोज का आयोजन करने जा रहे हैं। यह आयोजन सिर्फ एक पारंपरिक भोज नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
तेज प्रताप यादव इन दिनों खुद सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण पत्र सौंप रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने बिहार सरकार के नए मंत्री दीपक प्रकाश से मुलाकात कर उन्हें अपने चूड़ा-दही भोज का निमंत्रण दिया।
Tej Pratap Yadav News: दीपक प्रकाश से मुलाकात, उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर दिया न्योता
तेज प्रताप यादव हाल ही में जनशक्ति जनता दल के प्रमुख के रूप में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा के आवास पहुंचकर उनके बेटे और बिहार सरकार में नए मंत्री बने दीपक प्रकाश से मुलाकात की। इस दौरान तेज प्रताप ने उन्हें 14 जनवरी को आयोजित होने वाले चूड़ा-दही भोज का आमंत्रण पत्र सौंपा और व्यक्तिगत रूप से आने का आग्रह भी किया।
इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार से कहीं अधिक अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब तेज प्रताप यादव एनडीए से जुड़े नेताओं को अपने राजनीतिक-सामाजिक कार्यक्रम में आमंत्रित कर रहे हैं।
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Tej Pratap Yadav News: मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही भोज की पुरानी राजनीतिक परंपरा

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के मौके पर चूड़ा-दही भोज का आयोजन वर्षों पुरानी परंपरा रही है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हर साल इस भोज का आयोजन करते आए हैं, जिसमें प्रदेश के तमाम बड़े नेता, कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होते रहे हैं।
लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई है। पार्टी और परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव पहली बार अपने स्तर पर यह आयोजन करने जा रहे हैं। यही वजह है कि इस भोज को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासा उत्साह और चर्चा बनी हुई है।
Tej Pratap Yadav News: 14 जनवरी को होगा आयोजन, तेजस्वी यादव को भी मिलेगा निमंत्रण
तेज प्रताप यादव ने खुद साफ किया है कि 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन उनकी पार्टी की ओर से चूड़ा-दही भोज आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से निमंत्रण भेजा जाएगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और बिहार सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रण कार्ड भेजे जाएंगे। तेज प्रताप का कहना है कि यह आयोजन सभी के लिए खुला है और पूरे बिहार से जो भी लोग आना चाहें, उनका स्वागत है।
Tej Pratap Yadav News: सामाजिक परंपरा या राजनीतिक संदेश?
तेज प्रताप यादव ने इस आयोजन को पूरी तरह सामाजिक और सांस्कृतिक बताया है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व बिहार में पारंपरिक रूप से चूड़ा, दही, गुड़ और तिलकुट के साथ मनाया जाता है और उसी परंपरा को निभाने के लिए यह भोज रखा गया है।
हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस आयोजन के पीछे केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश भी छिपा हुआ है। तेज प्रताप यादव का अलग मंच बनाना, अलग से निमंत्रण देना और सभी दलों के नेताओं को बुलाना आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।
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Tej Pratap Yadav News: तेजस्वी से बढ़ती दूरी और एनडीए से नजदीकियां
तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के बीच बढ़ती दूरी अब छिपी नहीं रही। हाल के महीनों में यह दूरी सार्वजनिक मंचों और बयानों में भी दिखाई देने लगी है। वहीं दूसरी ओर तेज प्रताप की भाजपा और एनडीए के अन्य घटक दलों के नेताओं से बढ़ती नजदीकियों की चर्चा भी लगातार तेज हो रही है।
दीपक प्रकाश जैसे एनडीए से जुड़े मंत्री को चूड़ा-दही भोज का आमंत्रण देना इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि तेज प्रताप यादव भविष्य में नई राजनीतिक राह चुन सकते हैं।
Tej Pratap Yadav News: बिहार की राजनीति में नए संकेत
मकर संक्रांति का यह चूड़ा-दही भोज केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं रह गया है। यह आयोजन इस बात का संकेत बनता जा रहा है कि बिहार की राजनीति में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
तेज प्रताप यादव का अलग राजनीतिक पहचान बनाना, सभी दलों के नेताओं को एक मंच पर बुलाने की कोशिश और परिवार से अलग होकर आयोजन करना—ये सभी बातें बिहार की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे रही हैं।
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