Tejashwi Yadav Statewide Yatra: मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव निकलेंगे राज्यव्यापी यात्रा पर, संगठन और जनता पर रहेगा फोकस

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मकर संक्रांति के बाद बिहार में राज्यव्यापी यात्रा पर निकल सकते हैं तेजस्वी यादव
Highlights
  • • मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव की राज्यव्यापी यात्रा की तैयारी • संगठन विस्तार और जनता के सरोकार होंगे केंद्र में • जिला अध्यक्षों के साथ अहम बैठक के बाद बनेगी रणनीति • चुनावी हार के कारणों पर होगा आत्ममंथन • आक्रामक विपक्ष की भूमिका में वापसी के संकेत

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को मिली करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सियासी सक्रियता में जो ठहराव देखा जा रहा था, वह अब टूटता नजर आ रहा है। नए साल की शुरुआत के साथ और खरमास की समाप्ति के बाद तेजस्वी यादव एक बार फिर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक 14 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद वे राज्यव्यापी यात्रा पर निकल सकते हैं।

इस यात्रा के जरिए तेजस्वी यादव संगठन को फिर से मजबूत करने, जनता के मुद्दों को समझने और पार्टी को जमीनी स्तर पर खड़ा करने की कोशिश करेंगे। इसे राजद के लिए आत्ममंथन और पुनर्गठन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

Tejashwi Yadav Statewide Yatra: चुनावी हार के बाद सीमित रही सियासी सक्रियता

पहले के दौर को देखें तो विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद तेजस्वी यादव की सार्वजनिक मौजूदगी में स्पष्ट कमी देखी गई। वे न केवल राजनीतिक कार्यक्रमों से दूर रहे, बल्कि विधानसभा सत्र में भी उनकी भागीदारी सीमित रही।

चुनाव के बाद करीब एक महीने तक वे बिहार से बाहर रहे। इस दौरान क्रिसमस और न्यू ईयर मनाने के लिए उनके यूरोप दौरे की खबरें भी सामने आईं। इस विदेश यात्रा को लेकर सत्ता पक्ष ने उन पर राजनीतिक हमले किए, वहीं राजद के भीतर भी संगठन को सक्रिय करने की मांग उठती रही।

Tejashwi Yadav Statewide Yatra: 10 जनवरी को पटना वापसी, फिर अहम बैठक

सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव 10 जनवरी को पटना लौटेंगे। इसके बाद वे उत्तराखंड में अपने एक करीबी सहयोगी की शादी में शामिल होने जाएंगे। शादी समारोह से लौटने के बाद पटना में उनका राजनीतिक कार्यक्रम पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।

पटना वापसी के बाद तेजस्वी यादव जिला अध्यक्षों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति, कमजोर कड़ियां और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद राज्यव्यापी यात्रा की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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Tejashwi Yadav Statewide Yatra: मकर संक्रांति के बाद खरमास खत्म, सियासी दौरे की शुरुआत

टाइमिंग को भी सियासी नजरिए से अहम माना जा रहा है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ खरमास समाप्त हो जाता है और इसके बाद शुभ कार्यों और राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत परंपरागत रूप से की जाती है।

राजद के सूत्रों का कहना है कि इसी दिन के बाद तेजस्वी यादव राज्यव्यापी यात्रा पर निकल सकते हैं। यह यात्रा कई चरणों में होगी और इसमें जिलों, प्रखंडों और कार्यकर्ता सम्मेलनों को शामिल किया जाएगा।

Tejashwi Yadav Statewide Yatra: संगठन विस्तार और जनता के सरोकार होंगे केंद्र में

इस प्रस्तावित यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव का फोकस पूरी तरह संगठन विस्तार और जनता के सरोकारों पर रहेगा। वे पार्टी के जिला और प्रखंड स्तर के नेताओं से सीधे संवाद करेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि चुनाव में कहां और क्यों चूक हुई।

इसके साथ ही महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर वे जनता की राय भी जानेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव खुद मानते हैं कि केवल सोशल मीडिया या पटना केंद्रित राजनीति से आगे बढ़कर अब जमीनी स्तर पर लौटना जरूरी है।

Tejashwi Yadav Statewide Yatra: 25 सीटों तक सिमटने के कारणों पर मंथन

एक बड़ा उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के महज 25 सीटों पर सिमटने के कारणों की समीक्षा करना भी है। पार्टी के भीतर लंबे समय से यह सवाल उठ रहा है कि मजबूत जनाधार के बावजूद अपेक्षित प्रदर्शन क्यों नहीं हो सका।

यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव न सिर्फ वरिष्ठ नेताओं से, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं से भी फीडबैक लेंगे। माना जा रहा है कि संगठनात्मक ढांचे, टिकट वितरण और चुनावी रणनीति जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी।

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Tejashwi Yadav Statewide Yatra: आक्रामक विपक्ष की भूमिका में वापसी का संकेत

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेजस्वी यादव की यह यात्रा संकेत दे रही है कि वे एक बार फिर आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। चुनावी हार के बाद जो सियासी शून्य नजर आ रहा था, उसे भरने की कोशिश अब शुरू हो चुकी है।

यदि यह यात्रा सफल रहती है, तो राजद न केवल संगठनात्मक रूप से मजबूत होगा, बल्कि बिहार की राजनीति में विपक्ष की आवाज भी और मुखर हो सकती है।

Tejashwi Yadav Statewide Yatra: राजद के लिए निर्णायक मोड़?

कुल मिलाकर Tejashwi Yadav Statewide Yatra को राजद के भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा है। यह यात्रा तय करेगी कि पार्टी आत्ममंथन के बाद किस दिशा में आगे बढ़ती है और तेजस्वी यादव नेतृत्व के तौर पर कितनी मजबूती से संगठन को संभाल पाते हैं।

मकर संक्रांति के बाद शुरू होने वाली यह सियासी पहल बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की नींव भी रख सकती है।

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