मृत शिक्षक से विभाग ने दो साल बाद मांगा जवाब विभाग ने मांगा स्पष्टी करण, 21 मार्च को स्कूल क्यों नहीं आए ?

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भागलपुर, संवाददाता
एक शिक्षक की मौत दो साल पहले हो गई; एक शिक्षक अपनी बेटी की हत्या के जुर्म में तीन साल से जेल में बंद है, एक शिक्षिका ने सालभर पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया… ऐसे कई शिक्षक हैं, जो अलग-अलग कारणों से अब शिक्षा विभाग में अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं या फिर इस दुनिया में ही नहीं हैं। हालांकि शिक्षा विभाग न सिर्फ इन सबसे बेखबर है, बल्कि उन्हें इस बात के लिए शोकॉज भी भेज दिया गया है कि ये बीते 21 मार्च को सेवा से अनुपस्थित क्यों थे? विभाग ने एक साथ 1388 शिक्षकों को शोकॉज करते हुए पत्र भेजा है। इनमें कई ऐसे शिक्षक हैं, जो अब शिक्षा विभाग में सेवा नहीं दे रहे हैं।
दरअसल, 21 मार्च को 1388 शिक्षक शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा पोर्टल पर अनुपस्थित पाए गए। इसको लेकर विभागीय स्तर पर इन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि मोक्षदा बालिका उच्च विद्यालय के शिक्षक पुष्प कुमार ने 30 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। शिक्षा विभाग ने न सिर्फ इन्हें अनुपस्थित बताते हुए शोकॉज किया है, बल्कि इन्हें विभागीय स्तर पर होने वाली ट्रेनिंग में शामिल होने के लिए भी डीआरसीसी से फोन भी किया गया था। ताज्जुब की बात यह है कि पोर्टल पर अपलोड मृत और लापता शिक्षकों का नाम अब तक नहीं हटाया गया है। विभाग के कार्यालय में मृत शिक्षकों का डाटा तक उपलब्ध नहीं है। इसी आधार पर डीपीओ स्थापना की ओर से शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है।

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