नई दिल्ली, एजेंसी।
नागपुर में एक अल्पसंख्यक संस्थान के दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय रोड और ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा कस के लात।’ उन्होंने कहा कि ‘मैं धर्म और जाति की बातें सार्वजनिक रूप से नहीं करता। समाज सेवा सबसे ऊपर है। चाहे चुनाव हार जाऊं या मंत्री पद चला जाए, अपने इस सिद्धांत पर अटल रहूंगा। मंत्री पद नहीं मिला तो मर नहीं जाऊंगा। उन्होंने बेबाकी से कहा कि हमारे समाज में मुस्लिम समुदाय को शिक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि आप शिक्षा और रोजगार के महत्व को समझें। शिक्षा के साथ ज्ञान-विज्ञान से जुड़े, तभी मुस्लिम समाज आगे बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि एमएलसी रहते हुए एक इंजीनियरिंग कॉलेज की अनुमति अंजुमन-ए-इस्लाम संस्थान (नागपुर) को ट्रांसफर कर दी थी। उन्हें लगा कि मुस्लिम समुदाय को इसकी ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय से ज्यादा इंजीनियर, आईपीएस और आईएएस अफसर बनेंगे तो सबका विकास होगा। गडकरी ने कहा कि हमारे पास पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण है। आज अंजुमन-ए-इस्लाम के बैनर तले हजारों छात्र इंजीनियर बन चुके हैं। अगर उन्हें पढ़ने का मौका नहीं मिलता, तो कुछ नहीं हो पाता। शिक्षा की यही ताकत है। यह जीवन और समुदायों को बदल सकती है।