Home Bihar Election क्यों नहीं हो सका उपेन्द्र कुशवाहा और पप्पू यादव के गठबंधन का...

क्यों नहीं हो सका उपेन्द्र कुशवाहा और पप्पू यादव के गठबंधन का गठजोड़? जानिए

- Advertisement -
block id 8409 site livebihar.com - mob 300x600px_B

बिहार विधानसभा में इस बार चार महागठबंधन हैं। इसमें दो गठबंधन पूराने हैं जिन्हें हम और आप एनडीए और महागठबंधन के नाम से जानते हैं। इनके अलावे दो और नए गठबंधन हैं जो चुनावी मैदान में हैं। इनमें से एक है ओवैसी और उपेन्द्र कुशवाहा की गठबंधन तो दूसरी है पप्पू यादव और भीम आर्मी के मुखिया चुद्रशेखर रावण की गठबंधन। पप्पू यादव ने भीम आर्मी के साथ मिलकर प्रगतिशील डेमोक्रेटिस अलायंस बनाया तो उपेन्द्र कुशवाहा ने बसपा और ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ मिलकर ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्यूलर फ्रंट बना लिया है। कुशवाहा और यादव दोनों ही अपने अपने गठबंधन की ओर से सीएम कैंडिडेट हैं।

इन दोनों नए गठबंधनों को लेकर कयास लग रहे थे कि ये दोनों भी साथ आ जाएंगे। दोनों ओर से ऐसे प्रयास भी हुए। लेकिन दोनों के बीच यूपी की राजनीति आड़े आ गई। जिस कारण पप्पू यादव और उपेन्द्र कुशवाहा बिहार में साथ ना मिल सकें। दरअसल पप्पू यादव का अलायंस भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण के साथ हुआ है. जबकि उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी का अलायंस बसपा प्रमुख मयावती के साथ हुआ है। ये दोनों ही यूपी में यूपी के दलित वोटर्स के बीच लोकप्रिय हैं और दोनों अपना दावा करते हैं इस वोट बैंक पर।

दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मिलन को लेकर कई दौर की बात हुई. लेकिन हर बार नतीजा सिफर निकला। सारी बातें फाइनल हो जाती थी लेकिन जब घटक दलों के सिद्धांत की आती तो बन बिगड़ जाती थी। मायावती और चंद्रशेखर दोनों के बीच मौजूदा दौर में यूपी में छत्तीस का आंकड़ा है। अब चंद्रशेखर की नजर बिहार में बसपा के वोट बैंक पर है। मायावती जो बीते दो दशक से अधिक समय से यूपी के दलित वोट बैंक पर धाक जमाए बैठी हैं उन्हें करीब 1 साल पहले ही राजनीतिक दल बनाकर राजनीति में आए चंद्रशेखर ने यूपी और अब बिहार दोनों जगहों पर चुनौती देना शुरू कर दिया है। चुद्रशेखर के लिए बिहार का चुनाव 2022 के यूपी के संग्राम से पहले का लिटमस टेस्ट है।

इन दोनों यूपी की पार्टियों के बीच की प्रतिद्वंद्विता ही रालोसपा और जाप की अगुवाई वाले दोनों गठबंधन की दोस्ती नहीं होने दे रही। सूत्रों की माने तो बसपा किसी भी सूरत में ऐसे किसी गठबंधन का हिस्सा बनने को तैयार नहीं है, जिससे चंद्रशेखर का जुड़ाव हो। उधर, चंद्रशेखर भी बसपा सुप्रीमो मायावती को घेरने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते।

RELATED ARTICLES

बिहार में आइसोलेशन सेंटर दोबारा शुरू, होली पर दूसरे राज्‍यों से आनेवाले को रखा जाएगा

Desk: राजधानी में होली पर कोरोना से ज्यादा प्रभावित राज्यों से आने वालों की जांच के साथ उन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखने...

बिहार पंचायत चुनाव में वोटिंग के लिए ये दस्तावेज रखें, आयोग ने जारी की 16 दस्तावेजों की लिस्ट

Desk: बिहार में पंचायत चुनाव के वोटरों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उन 16 दस्तावेजों की लिस्ट जारी कर दी है...

राज्यसभा की सीट को लेकर सियासत, चिराग बोले- मेरी मां राजनीति में नहीं आना चाहती

लाइव बिहार: लोजपा संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई है....

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

सक्षमता परीक्षा देकर बाहर निकले शिक्षक, बोले-सवाल बहुत मुश्किल था, एग्जाम से पहले जूता-मोजा निकलवाया गया

पटनाः बिहार बोर्ड की तरफ से ली जा रही सक्षमता परीक्षा की शुरुआत हो गई है। पहले दिन शिक्षकों ने परीक्षा के...

जीतनराम मांझी ने RJD नेता तेजस्वी यादव पर जमकर बरसे, बोले-नौकरी और रोजगार सिर्फ CM नीतीश ने दिया

पटना डेस्कः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतनराम मांझी ने राजद नेता तेतस्वी यादव के जन विश्वास यात्रा...

कैमूर हादसे पर CM नीतीश ने जताया दुःख, सभी लोगों की हो गई शिनाख्त, परिवार में मातम का माहौल

पटना डेस्कः बिहार के कैमूर जिला में एक बड़ी घटना घटी है, जिसमें 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। दरअसल...

देश देखेगा गोवा पर्यटन संग आध्यात्मिक राष्ट्रवाद से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा, सन-सैंड-सी’ संग जुड़ा गोवा

गोवा अपनी छवि का विस्तार करने का संकल्प ले चुका है।  उसकी चाहत है कि उसे उसके समुद्री तटों, गिरिजाघरों के अलावा भी...

Recent Comments