पटना, संवाददाता
राजधानी पटना के मंदिरी इलाके में खुले चैंबर में गिरने से 5 वर्षीय मासूम साहिल की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल के साथ-साथ लोगों में भारी आक्रोश है। परिजन और स्थानीय लोग इस घटना के लिए नाला और पुल निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रही निर्माण कंपनी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मासूम साहिल, पिता स्व. संजय ढागर का इकलौता बेटा था, जो 15 अगस्त की शाम से लापता था। परिजनों ने पूरी रात उसकी तलाश की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, आसपास के इलाकों में लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
बताया जाता है कि 16 अगस्त की सुबह जब स्थानीय लोगों ने मंदिरी नाले के एक खुले चेंबर में झांककर देखा, तो वहां बच्चे का शव मिला। स्थानीय लोगों ने कहा कि नाला निर्माण में कई मैनहोल और चेंबरों को बिना किसी सुरक्षा कवर के छोड़ दिया गया है, जिससे यह हादसा हुआ। घटना के बाद बुढ़ा कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण कंपनी और संबंधित ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले के आसपास कोई बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए हैं। खुले चेंबरों के कारण यह इलाका बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक बन गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि नगर निगम और निर्माण एजेंसियों की निगरानी कहां थी? क्या किसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी? क्या लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई होगी? इस दर्दनाक हादसे ने पटना के नागरिकों को झकझोर कर रख दिया है।
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