बिहार की सियासत में राष्ट्रीय जनता दल के भीतर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक से ठीक पहले लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को सार्वजनिक मंच पर ला दिया है। इस पोस्ट में नाराजगी, चेतावनी और नेतृत्व के तौर-तरीकों पर सीधी असहमति साफ झलकती है, जिसने आरजेडी की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
Bihar Politics RJD Internal Clash 2026 – नेतृत्व को लेकर खुली नाराजगी
रोहिणी आचार्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब आरजेडी में नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक पुनर्गठन की चर्चाएं पहले से ही चल रही हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पार्टी की मौजूदा कमान और उसके इर्द-गिर्द मौजूद लोगों पर तीखा हमला बोला है।
रोहिणी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति सही मायनों में ‘लालूवादी’ होगा, वह पार्टी की बदहाली पर चुप नहीं बैठेगा, बल्कि उसके खिलाफ आवाज उठाएगा। उनके मुताबिक, चुप्पी साधना लालू प्रसाद यादव की राजनीति और संघर्ष की विरासत के खिलाफ है।
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Bihar Politics RJD Internal Clash 2026 – ‘घुसपैठिए और साजिशकर्ता’ का आरोप

रोहिणी आचार्य ने आरजेडी की मौजूदा स्थिति को ‘बदहाल’ और ‘चिंताजनक’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की असली कमान अब ऐसे लोगों के हाथ में चली गई है, जो न तो आंदोलन की पृष्ठभूमि से आते हैं और न ही लालू प्रसाद यादव की विचारधारा को समझते हैं।
उनका कहना है कि ये लोग ‘घुसपैठिए’ और ‘साजिशकर्ता’ हैं, जिन्हें विरोधी राजनीतिक ताकतों ने खास मकसद से भेजा है, ताकि ‘लालूवाद’ को भीतर से कमजोर किया जा सके। रोहिणी के अनुसार, ऐसे तत्व पार्टी में पुराने संघर्षशील नेताओं को हाशिये पर धकेल रहे हैं।
Bihar Politics RJD Internal Clash 2026 – नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल
रोहिणी का सबसे तीखा हमला पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर रहा। उन्होंने कहा कि सवालों से बचना, भ्रम फैलाना और असहमति को दबाना किसी भी मजबूत नेतृत्व की पहचान नहीं हो सकता।
उनका यह इशारा सीधे तौर पर तेजस्वी यादव की ओर माना जा रहा है, जो फिलहाल पार्टी के सबसे प्रभावशाली चेहरे हैं। रोहिणी ने लिखा कि यदि नेतृत्व चुप्पी साधे रहता है, तो इसे साजिशकर्ताओं के साथ खड़े होने के रूप में देखा जाएगा। उनका दावा है कि जो लोग आज भी लालूवाद की बात करते हैं, उन्हें पार्टी के भीतर अपमानजनक भाषा और व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
Bihar Politics RJD Internal Clash 2026 – कोर ग्रुप पर परोक्ष हमला
राजनीतिक हलकों में रोहिणी आचार्य के बयान को भावनात्मक प्रतिक्रिया से ज्यादा एक रणनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उनका इशारा उन चेहरों की ओर माना जा रहा है, जो तेजस्वी यादव के कोर ग्रुप का हिस्सा हैं और जिन पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वे पुराने लालूवादी नेताओं को दरकिनार कर रहे हैं।
पार्टी के भीतर यह चर्चा नई नहीं है, लेकिन रोहिणी का सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे को उठाना आरजेडी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।
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Bihar Politics RJD Internal Clash 2026 – कार्यकारिणी बैठक से पहले बढ़ी चुनौती
इस समय आरजेडी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जुटी हुई है। ऐसे माहौल में रोहिणी आचार्य का यह बयान पार्टी नेतृत्व के लिए नई चुनौती बन सकता है। सवाल यह है कि क्या इस बैठक में इन आरोपों की गूंज सुनाई देगी या इन्हें नजरअंदाज करने की कोशिश की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में आरजेडी की आंतरिक राजनीति की दिशा तय कर सकता है और पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर बड़े फैसले लेने के लिए मजबूर कर सकता है।
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