पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है। Patna NEET Student Death केस ने बीते 20 दिनों में ऐसा सियासी रूप ले लिया है, जिसने बिहार सरकार और उसकी कानून-व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार जांच, SIT, फॉरेंसिक रिपोर्ट और निलंबन के बावजूद जब कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया, तो आखिरकार मामला CBI जांच तक पहुंच गया।
- Patna NEET Student Death: 20 दिन की जांच, लेकिन सच्चाई अब भी धुंध में
- Patna NEET Student Death: DGP से लेकर गृह मंत्री तक खामोशी
- Patna NEET Student Death: CBI जांच का नोटिफिकेशन जारी
- Patna NEET Student Death: SIT जांच पर क्यों उठे सवाल?
- Patna NEET Student Death: विपक्ष का सीधा हमला, सरकार पूरी तरह नाकाम
- Patna NEET Student Death: ‘बेटी बचाओ’ बनाम जमीनी हकीकत
- Patna NEET Student Death: CBI की एंट्री से क्या बदलेगा?
- Patna NEET Student Death: अब इंसाफ की आखिरी उम्मीद
यह वही केस है, जिसने सड़कों से लेकर सत्ता के गलियारों तक बेचैनी पैदा कर दी है।
Patna NEET Student Death: 20 दिन की जांच, लेकिन सच्चाई अब भी धुंध में
राज्य की तमाम जांच एजेंसियां बीते 20 दिनों से छात्रा की मौत की परतें खोलने की कोशिश कर रही थीं।
SIT का गठन हुआ, DNA और FSL रिपोर्ट की बात सामने आई, पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
Patna NEET Student Death अब एक ऐसा मामला बन चुका है, जिसमें हर कदम के साथ सवाल बढ़ते गए, जवाब नहीं।
यही वजह रही कि पुलिस और गृह विभाग की चुप्पी ने इस केस को और संवेदनशील बना दिया।
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Patna NEET Student Death: DGP से लेकर गृह मंत्री तक खामोशी
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि न तो राज्य के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार कोई स्पष्ट बयान दे पाए और न ही गृह विभाग के मुखिया सम्राट चौधरी सामने आए।
शुक्रवार को जब पीड़िता का परिवार DGP और गृह मंत्री से मिलने पहुंचा, तब भी उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
यह वही पल था, जब यह साफ हो गया कि राज्य सरकार के पास अब देने के लिए जवाब नहीं बचे हैं।
Patna NEET Student Death: CBI जांच का नोटिफिकेशन जारी
छात्रा की मौत की जांच CBI से कराने को लेकर राज्यपाल सचिवालय की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
इसके तहत केंद्र सरकार को CBI जांच की अनुशंसा भेजी गई है।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि:
• बिहार पुलिस CBI को पूरा सहयोग देगी
• सभी आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे
• जांच में किसी तरह की देरी या बाधा नहीं डाली जाएगी
यह फैसला इस बात का संकेत है कि अब राज्य सरकार भी मान चुकी है कि मामला उसके नियंत्रण से बाहर जा चुका है।
Patna NEET Student Death: SIT जांच पर क्यों उठे सवाल?
इस केस में अब तक SIT समेत कई स्तरों पर जांच चल रही थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
इसी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को कटघरे में खड़ा करता रहा।
हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर मामले पर:
• न पुलिस के आला अधिकारी खुलकर बोले
• न गृह विभाग ने कोई स्पष्ट स्टैंड लिया
इस चुप्पी ने सरकार की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए।
Patna NEET Student Death: विपक्ष का सीधा हमला, सरकार पूरी तरह नाकाम
कांग्रेस प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि इतने दिनों तक SIT जांच चलती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने DGP के उस बयान का भी जिक्र किया, जिस पर पीड़िता के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए थे।
कांग्रेस का कहना है कि CBI जांच की मांग इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार और उसकी पुलिस इस मामले को सुलझाने में पूरी तरह असफल रही है।
Patna NEET Student Death: ‘बेटी बचाओ’ बनाम जमीनी हकीकत
राजद की ओर से एजाज अहमद ने कहा कि सरकार मंचों से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
उनका आरोप है कि:
• जांच बेटी की अस्मिता नहीं बचा पा रही
• न्याय की कोई ठोस उम्मीद नहीं दिख रही
• सरकार इतनी गंभीर घटना पर भी सोई हुई नजर आ रही है
यह बयान इस मामले को और अधिक राजनीतिक रंग दे रहा है।
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Patna NEET Student Death: CBI की एंट्री से क्या बदलेगा?
CBI जांच की एंट्री से अब उम्मीद जगी है कि:
• अब तक जुटाए गए सबूतों की नए सिरे से जांच होगी
• शुरुआती जांच में हुई चूक सामने आएगी
• जिम्मेदार अफसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी
Patna NEET Student Death केस अब सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि बिहार सरकार की साख की परीक्षा बन चुका है।
Patna NEET Student Death: अब इंसाफ की आखिरी उम्मीद
अब पूरे बिहार की निगाहें CBI जांच पर टिकी हैं।
पीड़िता का परिवार, छात्र संगठन और आम लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से इस मामले की परतें खुलेंगी और आखिरकार इंसाफ मिल सकेगा।
यह केस तय करेगा कि बिहार में कानून-व्यवस्था सिर्फ कागजों में है या वाकई जमीन पर भी असर रखती है।
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