Bihar Governor Oath: सैयद अता हसनैन ने बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में ली शपथ

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सैयद अता हसनैन ने पटना में बिहार के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
Highlights
  • * सैयद अता हसनैन ने बिहार के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली * पटना के लोक भवन में आयोजित हुआ शपथ ग्रहण समारोह * पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ * मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद * सैयद अता हसनैन आजादी के बाद बिहार के 43वें राज्यपाल बने

बिहार की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया जब पूर्व सैन्य अधिकारी और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ Syed Ata Hasnain ने पटना के लोक भवन में बिहार के नए राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य की राजनीति और प्रशासन से जुड़े कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश Sangam Kumar Sahu ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस नियुक्ति को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

Bihar Governor Oath Ceremony: पटना के लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण

पटना के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar, उप मुख्यमंत्री Samrat Choudhary, उप मुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha, बिहार विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar और विधान परिषद के उप सभापति Awadhesh Narayan Singh समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह समारोह संपन्न हुआ और सैयद अता हसनैन ने आधिकारिक रूप से बिहार के राज्यपाल का पदभार संभाला।

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Bihar 43rd Governor: आजादी के बाद बने राज्य के 43वें राज्यपाल

शपथ लेने के साथ ही सैयद अता हसनैन आजादी के बाद बिहार के 43वें राज्यपाल बन गए।

गुरुवार को ही उनका पटना आगमन हो चुका था। राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को केवल संवैधानिक बदलाव नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनके सैन्य अनुभव और रणनीतिक समझ से राज्य को प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर लाभ मिल सकता है।

Syed Ata Hasnain Career: चार दशक का सैन्य अनुभव

सैयद अता हसनैन ने करीब चार दशकों तक भारतीय सेना में सेवा दी है। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं, खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में।

उनकी रणनीतिक सोच, नेतृत्व क्षमता और संकट प्रबंधन कौशल के कारण उन्हें सेना में एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है।

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Social Initiatives: सेना में रहते हुए शुरू किए कई सामाजिक कार्यक्रम

अपने सैन्य नेतृत्व के दौरान सैयद अता हसनैन ने कई सामाजिक पहल भी शुरू कीं।

युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए, जिससे कश्मीर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

इसी कारण उन्हें केवल एक सैन्य अधिकारी ही नहीं बल्कि रणनीतिक विचारक और सामाजिक दृष्टिकोण वाले नेता के रूप में भी देखा जाता है।

Public Life After Retirement: सेवानिवृत्ति के बाद भी निभाई अहम भूमिका

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी सैयद अता हसनैन सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे।

उन्हें National Disaster Management Authority (NDMA) का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में योगदान दिया।

उनके अनुभव और प्रशासनिक समझ को देखते हुए उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

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