Bihar Revenue Department Action के तहत बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग में अनियमितताओं की शिकायत मिलते ही त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। एक अंचल अधिकारी (CO) को तत्काल पद से हटाने के साथ ही फाइल दबाने के आरोप में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ “सर्जिकल स्ट्राइक” के रूप में देखा जा रहा है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है।
- Bihar Revenue Department Action: ऑन द स्पॉट फैसला, CO को हटाने का आदेश
- Bihar Revenue Department Action: फाइल दबाने पर दो अधिकारी सस्पेंड
- Bihar Revenue Department Action: समीक्षा बैठक से शुरू हुई कार्रवाई की कहानी
- Bihar Revenue Department Action: जांच रिपोर्ट के बाद कड़ा फैसला
- Bihar Revenue Department Action: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
- Bihar Revenue Department Action: जनता में बढ़ी उम्मीद
Bihar Revenue Department Action: ऑन द स्पॉट फैसला, CO को हटाने का आदेश
Patna में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भ्रष्टाचार और गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायत मिलते ही बिना देरी किए ऑन द स्पॉट कार्रवाई की। उन्होंने एक अंचल अधिकारी (CO) को तत्काल प्रभाव से वर्तमान पद से हटाने का निर्देश दिया।
डिप्टी सीएम ने विभाग के प्रधान सचिव को स्पष्ट आदेश दिया कि संबंधित अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी किया जाए और उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। मंत्री का साफ संदेश था कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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Bihar Revenue Department Action: फाइल दबाने पर दो अधिकारी सस्पेंड

इस कार्रवाई में प्रशासनिक अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति घोर उदासीनता बरतने के आरोप में दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों में—
• शाखा अधिकारी उमेश्वर कुमार सिंह
• सहायक शाखा अधिकारी जितेंद्र कुमार
शामिल हैं। इन दोनों पर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फाइल को निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत नहीं करने और उसे जानबूझकर लटकाए रखने का गंभीर आरोप है। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फाइल को बिना किसी ठोस कारण के रोका गया, जो प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ सीधा खिलवाड़ है।
Bihar Revenue Department Action: समीक्षा बैठक से शुरू हुई कार्रवाई की कहानी
इस पूरे मामले की शुरुआत करीब एक सप्ताह पहले हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक से हुई थी। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने बैठक के दौरान कार्यपालक अधिकारी कुमार ऋत्विक के विभाग में योगदान से संबंधित फाइल तलब की थी।
जब घंटों बीत जाने के बावजूद फाइल प्रस्तुत नहीं की गई और अधिकारियों की ओर से हीला-हवाली साफ दिखाई दी, तो मंत्री ने उसी समय मामले की जांच के आदेश दे दिए थे। यह साफ संकेत था कि विभागीय लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
Bihar Revenue Department Action: जांच रिपोर्ट के बाद कड़ा फैसला
जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई। इसके बाद विभाग की ओर से उमेश्वर कुमार सिंह और जितेंद्र कुमार को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया।
दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब विभागीय स्तर पर संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
Bihar Revenue Department Action: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
इस कार्रवाई के जरिए विजय कुमार सिन्हा ने विभाग के भीतर स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में—
• भ्रष्टाचार
• दलाली
• फाइल लटकाने की प्रवृत्ति
• भू-माफियाओं से गठजोड़
किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े भूमि और राजस्व मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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Bihar Revenue Department Action: जनता में बढ़ी उम्मीद
डिप्टी सीएम की इस सर्जिकल स्ट्राइक का जमीन विवादों से जूझ रहे आम लोगों और पीड़ितों ने स्वागत किया है। लंबे समय से फाइलों के चक्कर काट रहे नागरिकों को इस कार्रवाई से न्याय की उम्मीद जगी है।
राजस्व विभाग राज्य सरकार का सबसे संवेदनशील विभाग माना जाता है, जहां एक छोटी सी लापरवाही आम आदमी की जिंदगी पर बड़ा असर डालती है। ऐसे में यह सख्त कदम प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Bihar Revenue Department Action ने यह साफ कर दिया है कि बिहार सरकार अब सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं रहने वाली। विजय कुमार सिन्हा की यह कार्रवाई न सिर्फ दोषी अधिकारियों पर गाज है, बल्कि पूरे विभाग के लिए एक कड़ा संदेश भी है। अगर इसी तरह जवाबदेही तय होती रही, तो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में व्यवस्था सुधार की उम्मीद मजबूत होगी।
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