Bihar Teacher Promotion 2026:अप्रैल से राहत की बड़ी खबर! नीतीश सरकार का ऐलान, बजट सत्र में धर्म परिवर्तन से CAG रिपोर्ट तक हंगामा

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बजट सत्र में शिक्षकों के प्रमोशन पर सरकार का बड़ा ऐलान
Highlights
  • • अप्रैल से शिक्षकों के प्रमोशन की संभावना • धर्म परिवर्तन पर कड़ा कानून मांग • CAG रिपोर्ट में 4844 करोड़ बकाया • बाइक से करोड़ों की ढुलाई का खुलासा • प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता

बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने लगभग एक दशक से सेवारत शिक्षकों को पदोन्नति देने का फैसला किया है। वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही अप्रैल से प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई गई है। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब विधानमंडल के बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में धर्म परिवर्तन, शराबबंदी, कथित चंदा वसूली और CAG रिपोर्ट को लेकर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला।

Bihar Teacher Promotion 2026: अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया, सदन में सरकार का बड़ा बयान

विधान परिषद में एमएलसी प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों के प्रमोशन का मुद्दा उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

सरकार के इस संकेत से हजारों शिक्षकों को उम्मीद जगी है, जो लगभग 8–10 वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विभागीय स्तर पर वरिष्ठता सूची और रिक्त पदों का आकलन किए जाने की तैयारी बताई जा रही है।

शिक्षक संगठनों का मानना है कि यदि अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होती है तो शैक्षणिक ढांचे में नई ऊर्जा आएगी और लंबे समय से अटकी फाइलों को गति मिलेगी।

Bihar Teacher Promotion 2026 के बीच धर्म परिवर्तन और लव जिहाद पर गरमाई राजनीति

बजट सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में धर्म परिवर्तन और लव जिहाद का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। भाजपा के 12 विधायकों ने कड़ा कानून लाने की मांग की।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बीजेपी विधायक वीरेंद्र कुमार ने जनसंख्या वृद्धि को धर्मांतरण से जोड़ते हुए सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील की।

प्रभारी गृह मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य में धर्म परिवर्तन रोकने से संबंधित कोई कानून फिलहाल विचाराधीन नहीं है।

जाले विधायक जीवेश मिश्रा ने भी अपने क्षेत्र से जुड़े एक मामले का हवाला देते हुए इस मुद्दे को संवैधानिक दृष्टिकोण से उठाया।

इस दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और सदन का माहौल काफी गर्म रहा।

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राजद एमएलसी का बड़ा हमला, चंदा और वसूली के आरोप

कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजद एमएलसी सुनील सिंह सरकार पर हमलावर दिखे। उन्होंने जेडीयू पर 1000 करोड़ से अधिक वसूली और कंपनियों से भारी चंदा लेने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि कुछ कंपनियों का टर्नओवर कम होने के बावजूद उन्होंने पार्टी को करोड़ों का फंड दिया। यहां तक कि एक कारोबारी से हर महीने 99 लाख रुपए लिए जाने का आरोप भी लगाया।

स्मार्ट मीटर और ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए गए। सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया।

CAG Report Bihar 2023: राजस्व बकाया, ITC गड़बड़ी और बाइक से करोड़ों की ढुलाई

सदन में पेश CAG रिपोर्ट ने कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा किया।

मुख्य बिंदु:
• 31 मार्च 2023 तक 4844 करोड़ रुपये राजस्व बकाया
• 1430.32 करोड़ रुपये 5 साल से लंबित
• 12 अंचलों में 22 करदाताओं द्वारा 1,167.89 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट दावा
• जबकि वे 914.51 करोड़ के ही पात्र थे

रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें पटना सिटी के एक ट्रांसपोर्टर ने बाइक से 2 करोड़ 32 लाख रुपये के माल की ढुलाई दिखा दी। इसके आधार पर 19 लाख 32 हजार का इनपुट टैक्स क्रेडिट ट्रांसफर किया गया।

कई ऐसे वाहन, जो कबाड़ या चोरी की स्थिति में थे, उन्हें भी परिवहन में दिखाकर ई-वे बिल जारी किए गए। CAG ने परिवहन और वाणिज्यकर विभाग की निगरानी पर सवाल उठाए।

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प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य खुलासे

रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना में भी अनियमितता सामने आई।
• 2019–2022 के बीच चार जिलों में 21 परिवारों को आवास स्वीकृत हुआ, जिनके पास पहले से पक्का मकान था
• 24.30 लाख रुपये का भुगतान
• नाबालिग लाभार्थियों को भी आवास स्वीकृत

विपक्ष ने इसे बड़े स्तर की लापरवाही बताया और जांच की मांग की।

अन्य प्रमुख फैसले और घोषणाएं
• डाउन सिंड्रोम जांच सुविधा शुरू होगी
• अनुमंडल स्तर पर SDRF की तैनाती
• रिहायशी इलाकों में हाईटेंशन तार कवरिंग का मामला उठा
• रोहतास रोप-वे छह महीने में शुरू होगा, IIT पटना की निगरानी में काम

एक ओर जहां शिक्षकों के लिए प्रमोशन की सकारात्मक घोषणा हुई, वहीं दूसरी ओर बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में धर्म परिवर्तन, चंदा वसूली, CAG रिपोर्ट और आवास योजना की अनियमितताओं को लेकर तीखा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिला।

आने वाला अप्रैल महीना शिक्षकों के लिए राहत लेकर आ सकता है, लेकिन राजनीतिक मोर्चे पर टकराव जारी रहने के संकेत साफ हैं।

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