चैती छठ के पावन अवसर से पहले पटना में प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है और शहर के 8 प्रमुख घाटों को खतरनाक घोषित कर दिया है। साथ ही, गंगा नदी में नाव संचालन पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु छठ पर्व के लिए घाटों की ओर रुख करते हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि आस्था के साथ-साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
Dangerous Ghats Patna: किन घाटों पर लगा प्रतिबंध
पटना जिला प्रशासन ने जिन 8 घाटों को खतरनाक घोषित किया है, उनमें शामिल हैं:
• एलसीटी घाट
• राजापुर पुल घाट
• पहलवान घाट
• बांस घाट
• शिव घाट
• दीदारगंज घाट
• रिकाबगंज घाट
• बुंदेल टोली घाट
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन घाटों पर जाने से बचें और केवल सुरक्षित एवं चिन्हित घाटों का ही उपयोग करें।
यह भी पढ़ें : https://livebihar.com/ram-navami-patna-mahavir-mandir-shobha-yatra/
Boat Ban Chaiti Chhath: नाव संचालन पर रोक क्यों?

सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने गंगा नदी में नावों के परिचालन पर भी रोक लगा दी है।
इस फैसले के पीछे मुख्य कारण हैं:
• गंगा नदी का बदलता जलस्तर
• घाटों की कमजोर स्थिति
• भीड़ के दौरान हादसे की आशंका
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और पर्व को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।
Chaiti Chhath Dates 2026: कब से शुरू होगा महापर्व?
चैती छठ महापर्व चार दिनों तक चलता है, जिसमें हर दिन का विशेष महत्व होता है:
Day 1 – नहाय-खाय (22 मार्च 2026, रविवार)
इस दिन श्रद्धालु स्नान कर सूर्य देव और कुल देवता की पूजा करते हैं।
परंपरा के अनुसार कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण किया जाता है।
Day 2 – खरना (23 मार्च 2026, सोमवार)
इस दिन व्रती शाम को गुड़ की खीर और रोटी का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।
इसके बाद 36 घंटे का निर्जल व्रत शुरू होता है, जो इस पर्व का सबसे कठिन चरण माना जाता है।
Day 3 – संध्या अर्घ्य (24 मार्च 2026)
इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
श्रद्धालु सूप में फल, ठेकुआ और अन्य पूजन सामग्री लेकर घाटों पर पूजा करते हैं।
Day 4 – उषा अर्घ्य (25 मार्च 2026)
अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।
Administration Advisory: आस्था के साथ सुरक्षा भी जरूरी
पटना प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि:
👉 श्रद्धालु केवल सुरक्षित घाटों का ही चयन करें
👉 प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें
👉 भीड़भाड़ वाले और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहें
अधिकारियों का कहना है कि छठ पर्व के दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी को सतर्क रहना जरूरी है।
Do Follow us : https://www.facebook.com/share/1CWTaAHLaw/?mibextid=wwXIfr
Crowd & Safety Measures: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कई सुरक्षा उपाय किए हैं:
• घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
• बैरिकेडिंग और कंट्रोल रूम की व्यवस्था
• आपदा प्रबंधन टीमों की निगरानी
• लगातार जलस्तर की निगरानी
इन सभी इंतजामों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।
सुरक्षित छठ, सफल छठ
चैती छठ सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और परंपरा का प्रतीक है।
पटना प्रशासन का यह कदम दर्शाता है कि सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। अगर लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, तो यह महापर्व न केवल भव्य बल्कि सुरक्षित भी बन सकता है।
Do Follow us : https://www.youtube.com/results?search_query=livebihar

