बिहार में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, गंगा नदी के विकराल रुप से डरे लोग, हाथीदह में टूटा रिकॉर्ड

By Aslam Abbas 127 Views
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पटनाः बिहार के पड़ोसी राज्यों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रहा है। राजधानी पटना में गंगा खतरे की निशान से ऊपर बह रही है, तो हाथीदह घाट पर उच्च जल स्तर का पुराना रिकर्ड टूट गया। 16 अगस्त 2021 को सर्वाधिक उच्च जल स्तर 43.52 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया था। गुरुवार की सुबह यहां उच्च जल स्तर का पुराना रिकार्ड तोड़ते हुए 43.99 मी पहुंच गया।

मनेर में खतरे के इंसान से गंगा का जलस्तर 107 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान से 86 सेंटीमीटर और गांधी घाट पर 147 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं पुनपुन नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से फतुहा के बांध में कटाव तेज हो गया है। हालांकि तेज बहाव को लेकर जल संसाधन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। ताकी किसी भी तरह से कोई अनहोनी की घटना नहीं हो। इसी तरह से सोन नदी के जलस्तर में भी काफी वृद्धि दर्ज की गई है। फलस्वरुप मनेर का दियारा क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। नीचले इलाके में रहने वाले लोग अपना घर-बार छोड़कर ऊंचे स्थान पर पलायन करने को मजबूर हो गए है।

दूसरी तरफ गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से हाथिदाह के नीचले इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों के घरों में अब पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग किसी तरह से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इसके अलावा मोकामा का टाल इलाका भी पानी से पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।

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इधर गंगा और सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद सारण स्थित जेपी के गांव सिताबदियारा का जिला मुख्यालय से भी सम्पर्क टूट गया है। बता दें कि सारण के मांझी की सीमा से सटे यूपी के चांद दियर पुलिस चेकपोस्ट के पास मांझी- बैरिया रोड एनएच 31 की मुख्य सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। सारण से आप अभी यूपी सड़क से नहीं जा सकते हैं। सड़क संपर्क भंग हो चुका है। बिहार से यूपी जाने वाले कई वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं।

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