जय प्रकाश गुप्ता, रक्सौल
देश के विकसित होते जाने में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के योगदान का आंकलन कैसे हो, यह आजतक सवाल ही बना हुआ है। विकास परक योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचते-पहुंचते कैसे धराशायी हो जाती हैं, इनके कारणों की पड़ताल जितनी भी हुई हो, परिणाम को देखते हुए यह स्पष्ट है कि पड़ताल के बिंदुओं को कार्य रूप में परिणत नहीं किया जा सका। इस बिंदु को आधार बनाकर आगे बढ़ने का रास्ता जितना मुश्किल भरा हो, प्रभावित पक्ष के रूप में आम लोगों के समर्थन से इंकार नहीं किया जा सकता जिसे संभवतः एक पत्रकार बेहतर तरीके से समझ सकता है।
5 वर्षों तक पत्रकारिता में सक्रिय रहने के बाद निर्भय किशोर ने अपने गांव पुरन्दरा और पंचायत के लिए सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के तहत काम करने का संकल्प लिया है। उनका उद्देश्य गांव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने पांच वर्षों की एक कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। निर्भय किशोर की कार्ययोजना में शिक्षा को बढ़ावा देना, गांव में बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जाना शामिल है। अपने सतत विकास लक्ष्य को प्रप्त करने के लिए निर्भय किशोर की टीम का सामना व्यवस्था से ही होना है जिसकी वजह से ग्रामीण विकास अभी तक मुख्य धरा से जुड़ नहीं पाया है।
इसमें गांव में वर्षों से उपेक्षित पड़े पोखरों की सफाई कर उन्हें उपयोगी बनाया जाएगा, जिससे जल संरक्षण भी होगा। गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना चुनौतीपूर्ण काम है। गांव के सभी गरीब और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी टीम सुनिश्चित करेगी।
आंगन बाड़ी केंद्रों को सुचारु बनाना एवं बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रभावी रूप से संचालित होने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही स्वच्छता को लेकर जनजागरूकता अभियान गांव की दिनचर्या का जरुरी हिस्सा बनेगा, जिससे गांव को साफ-सुथरा और स्वस्थ बनाया जा सके। निर्भय किशोर गांव के युवा वर्ग को इस मुहिम से जोड़कर सामूहिक प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में गांव के युवाओं की एक टीम बनाई गई है, जो इन सभी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से जुटी हुई है। निर्भय किशोर की इस पहल को न केवल गांववासियों बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों का भी समर्थन मिल रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी शिवांक्षी दीक्षित ने उनके प्रयासों की सराहना की है और उनके लक्ष्य को पूरा करने में हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है ।
निर्भय किशोर का सपना है कि उनका गांव राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाए और एक आदर्श गांव के रूप में सम्मानित हो। उनके अनुसार, यदि पंचायत स्तर पर योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो हर गांव आत्मनिर्भर और विकसित हो सकता है।
अपने गांव को विकसित करने की पत्रकार निर्भय किशोर की पहल सतत विकास लक्ष्य के तहत बना रहे बदलाव की मिसाल
