पटना, संवाददाता।
राजधानी पटना में 15 अगस्त से मेट्रो दौड़ती दिखेगी। दरअसल, मेट्रो का काम तेजी से जारी है। पहले चरण में मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच तीन बोगी वाली मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी। इस मेट्रो में 150 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी, जबकि कुल 250 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे।
प्राप्त जानकारी अनुसार मेट्रो कोच महाराष्ट्र से मंगवाए जा रहे हैं। जिनकी अनुमानित लागत 30 से 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कोच अगले महीने तक पटना पहुंचने की संभावना है। दरों को लेकर अभी बातचीत जारी है। वहीं, दूसरी तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन बेंगलुरु में बन रही है, जिसे पटना जंक्शन से दानापुर के बीच चलाया जाएगा। 6.63 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर पर स्टेशन निर्माण का काम जोरों पर है। इस रूट पर मलाही पकड़ी, भूतनाथ, जीरो माइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन होंगे। यदि 15 अगस्त तक खेमनीचक स्टेशन तैयार नहीं हुआ, तो इसे बाइपास करते हुए मेट्रो का संचालन किया जाएगा। यह स्टेशन एलिवेटेड इंटरचेंज स्टेशन के रूप में कार्य करेगा।
पटना मेट्रो प्लेटफॉर्म की क्षमता आठ कोच तक की है, लेकिन पहले चरण में तीन कोच वाली ट्रेन ही चलाई जाएगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी। पटना जंक्शन से मलाही पकड़ी के बीच कॉरिडोर-2 और दानापुर से पटना जंक्शन के बीच कॉरिडोर-1 में मेट्रो चलाई जाएगी। मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है। जिन हिस्सों में निर्माण कार्य पूरा हो गया है, वहां ट्रैक और बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं। तीन प्रमुख प्वाइंट्स बाईपास रोड (10 फीट), खेमनीचक स्टेशन और जीरो माइल से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच के इलाकों में स्पैन जोड़ने का कार्य जारी है। पटना मेट्रो परियोजना के पहले चरण के सफल संचालन से शहरवासियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
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