बिहार की लोक संस्कृति में मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मेल-मिलाप का भी अवसर मानी जाती है। दही-चूड़ा और तिलकुट की परंपरा जहां आम लोगों को जोड़ती है, वहीं यही परंपरा बिहार की राजनीति में भी खास पहचान रखती है। इस वर्ष भी संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज के बहाने सियासी गतिविधियां तेज़ होती नजर आईं।
- Nitish Kumar News: चिराग पासवान ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत
- Nitish Kumar Politics: NDA नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
- Nitish Kumar Update: जदयू विधायक चेतन आनंद के आवास पर भी पहुंचे सीएम
- Nitish Kumar Bihar Politics: दही-चूड़ा भोज और सियासी संदेश
- Nitish Kumar Outlook: संक्रांति पर संस्कृति और राजनीति का संगम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान सियासी संकेतों और गठबंधन की सहजता ने राजनीतिक गलियारों में खासा ध्यान खींचा।
Nitish Kumar News: चिराग पासवान ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

यह दृश्य केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि बिहार की मौजूदा राजनीति में गठबंधन की मजबूती और आपसी समन्वय का प्रतीक भी माना जा रहा है। दही-चूड़ा भोज के मंच से किसी राजनीतिक भाषण का अभाव जरूर रहा, लेकिन मौजूदगी ही अपने आप में कई संदेश दे गई।
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Nitish Kumar Politics: NDA नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, सांसद अरूण भारती, विधायक मुरारी प्रसाद गौतम, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि मकर संक्रांति का यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी खास महत्व रखता है। दही-चूड़ा भोज के दौरान नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत और मेल-मिलाप का माहौल बना रहा।
Nitish Kumar Update: जदयू विधायक चेतन आनंद के आवास पर भी पहुंचे सीएम

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति के अवसर पर गर्दनीबाग, पटना स्थित 12/20 मंत्री एन्क्लेव में जदयू विधायक चेतन आनंद के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में भी शामिल हुए।
इस अवसर पर विधायक चेतन आनंद ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया। यह कार्यक्रम भी पार्टी के भीतर आपसी संवाद और संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।
Nitish Kumar News: जदयू कार्यक्रम में भी जुटे दिग्गज नेता
जदयू द्वारा आयोजित इस दही-चूड़ा भोज में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद लवली आनंद, विधायक श्याम रजक, विधायक रत्नेश सादा, पूर्व सांसद आनंद मोहन समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ राजनीतिक हालात पर भी चर्चा होती रही। हालांकि मंच से कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया, लेकिन नेताओं की मौजूदगी ने सियासी संकेतों को और मजबूत किया।
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Nitish Kumar Bihar Politics: दही-चूड़ा भोज और सियासी संदेश
बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज केवल परंपरा नहीं, बल्कि राजनीतिक संवाद का अनौपचारिक मंच भी माना जाता है। मकर संक्रांति के मौके पर अलग-अलग दलों के नेताओं का एक-दूसरे के कार्यक्रमों में शामिल होना राजनीतिक संतुलन और गठबंधन की सहजता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एलजेपी (रामविलास) और जदयू के कार्यक्रमों में सक्रिय मौजूदगी को आने वाले राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति लगातार हलचल में है, ये मुलाकातें अपने आप में अहम मानी जा रही हैं।
Nitish Kumar Outlook: संक्रांति पर संस्कृति और राजनीति का संगम
कुल मिलाकर, मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रमों में संस्कृति और राजनीति का अनोखा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी ने इन आयोजनों को और खास बना दिया।
बिहार की लोक परंपरा के साथ-साथ इन कार्यक्रमों ने यह भी दिखाया कि राज्य की राजनीति में संवाद और सौहार्द की परंपरा अब भी जीवित है। आने वाले दिनों में इन सियासी मेल-मिलापों के क्या राजनीतिक मायने निकलते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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