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Desk: पटना में इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन हेड रूपेश सिंह की उनके घर के बाहर हत्या से बिहार पुलिस के इक़बाल पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं. साथ ही कई ऐसे पहलू हैं जो इस हत्याकांड और इसकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं.

पहला सवाल- क्या रूपेश की किसी से कोई अदावत या रंजिश थी?
फ़िलहाल उनके जानने वाले इस बात से इनकार कर रहे हैं. सभी लोगों का कहना है कि रूपेश काफ़ी मिलनसार व्यक्ति थे और किसी से भी उनकी कोई लड़ाई नहीं थी. हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि रसूखदार लोगों के साथ रूपेश के सम्बंध और ऊंची पहुंच की वजह से उनके कुछ दुश्मन भी हो सकते हैं. हालांकि अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि किसने और आखिर क्यों रूपेश की हत्या की.

दूसरा सवाल- क्या इस हत्याकांड के पीछे सोची-समझी साज़िश थी?
जिस तरह से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, उससे तो यही लग रहा है कि हत्यारों को रूपेश के घर आने-जाने की टाइमिंग के बारे में बहुत अच्छे से पता था. मंगलवार को भी रूपेश के एयरपोर्ट से निकलने और घर पहुंचने की हत्यारों को जानकारी थी. या तो पहले से ही अपार्टमेंट के बाहर घात लगाकर बैठे हुए थे या फिर वो उनकी गाड़ी के साथ ही अपार्टमेंट तक आए. साथ ही जिस गली में रूपेश का अपार्टमेंट है, वो एक तरफ़ से बंद है. ज़ाहिर तौर पर अपराधियों को इसकी भी तस्दीक़ थी और हत्याकांड के बाद वो उसी रास्ते से भाग निकले जिधर से रूपेश आए थे. हत्याकांड के तरीक़े से लग रहा है कि अपराधियों ने रेकी भी की होगी.

तीसरा सवाल- अपार्टमेंट के CCTV का बंद होना
अपार्टमेंट के नीचे क़रीब आधा दर्जन CCTV कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें से एक तो गेट की तरफ़ मुड़ा हुआ है. यानी हत्याकांड की पूरी रिकॉर्डिंग उस CCTV में होने चाहिए थी, लेकिन अपार्टमेंट के लोग बता रहे हैं कि CCTV कई सालों से ख़राब पड़ा हुआ है.

चौथा सवाल- हत्या के वक्त गार्ड कहां था?
इस अपार्टमेंट में एक ही गार्ड तैनात है, जो 24 घंटे परिवार के साथ ग्राउंड फ्लोर पर रहता है. कल जिस वक्त घटना हुई उस दौरान अपार्टमेंट का गार्ड मनोज लाल मौजूद नहीं था. गार्ड का कहना है कि कल वो अपने एक दोस्त की मां के दाह संस्कार में सुबह 9 बजे ही चला गया था और जब शाम 7.30 बजे लौटा तो देखा कि रूपेश की हत्या हो चुकी है. गार्ड के मुताबिक़, रूपेश ने जब गाड़ी का हॉर्न बजाया तो उसकी (गार्ड की) बेटी गेट खोलने आई, लेकिन तब तक हत्यारे घटना को अंजाम देकर फ़रार हो चुके थे. रूपेश की हत्याकांड के दिन ही गार्ड का न होना फिलहाल जांच के घेरे में है.

पांचवा सवाल- हत्याकांड की जांच में पुलिस का रवैया.
आमतौर पर पुलिस किसी भी क्राइम सीन को सील कर देती है ताकि जांच में दिक़्क़त न हो, लेकिन रूपेश सिंह हत्याकांड का क्राइम सीन सील नहीं किया गया है. पुलिस गाड़ी को थाने तो ले गई है, लेकिन स्पॉट पर गाड़ी के शीशे बिखरे पड़े हुए हैं और सीट बेल्ट का लॉक क्लिप भी सड़क पर गिरा पड़ा है.

रूपेश सिंह के तमाम बड़े लोगों के साथ अच्छे सम्बंध थे, क्या राजनेता और क्या अभिनेता, सभी रूपेश को जानते थे. हालिया विधानसभा चुनाव में भी रूपेश के चुनाव लड़ने की चर्चा थी. इस हाई प्रोफ़ाइल हत्याकांड के बाद से ही पुलिस महकमे और सरकारी तंत्र में हड़कम्प मचा हुआ है, हालांकि ये हत्याकांड अब तक एक ब्लाइंड केस बना हुआ है.

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