पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जांच के बाद राज्य सरकार की अनुशंसा पर मामला अब Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दिया गया है। एजेंसी ने जांच की रफ्तार तेज करते हुए कई अहम लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि छात्र सुरक्षा और हॉस्टल प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट 12 फरवरी को सरकार को सौंपी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर केस को केंद्रीय एजेंसी को ट्रांसफर किया गया। अब जांच का फोकस पुलिस कार्रवाई, हॉस्टल प्रबंधन और घटनास्थल से जुड़े हर छोटे-बड़े साक्ष्य पर है।
Patna NEET Student Death Case में SIT और थानाध्यक्षों से पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, पटना स्थित CBI कार्यालय में एसआईटी टीम के सदस्यों को तलब किया गया है। सचिवालय डीएसपी-1 डॉ. अनु, जो जांच टीम को लीड कर रही थीं, उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा कदमकुआं थाना और राम कृष्णा नगर थाना के थानाध्यक्ष से भी गहन सवाल-जवाब हो रहे हैं।
एजेंसी यह जानना चाहती है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की, घटनास्थल को किस तरह सुरक्षित किया गया और प्रारंभिक जांच में कौन-कौन से साक्ष्य जुटाए गए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या प्रक्रिया में कमी पाई जाती है, तो आगे सख्त कार्रवाई संभव है।
जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि क्या शुरुआती रिपोर्ट में कोई तथ्य छूट गया था या किसी पहलू को नजरअंदाज किया गया। यही वजह है कि एसआईटी की पूरी रिपोर्ट और उससे जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।
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Patna NEET Student Death Case में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की जांच

23 फरवरी को CBI टीम चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम ने हॉस्टल की मालकिन और दो वार्डन को साथ लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमरे की बनावट, दरवाजों की स्थिति, सीसीटीवी फुटेज, एंट्री रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से जांच की गई।
जांच एजेंसी यह स्पष्ट करना चाहती है कि घटना के समय हॉस्टल में सुरक्षा प्रबंधन कैसा था। क्या किसी प्रकार की अनियमितता थी? क्या छात्रा ने पहले किसी तरह की शिकायत की थी? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
हॉस्टल के कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि उनके बयानों में किसी तरह का विरोधाभास सामने आए तो उसे रिकॉर्ड किया जा सके। डिजिटल साक्ष्यों को भी सुरक्षित किया गया है।
Patna NEET Student Death Case में 10 संदिग्धों का लाई डिटेक्टर टेस्ट
सूत्रों के मुताबिक, करीब 10 संदिग्ध लोगों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इसके लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक होगी। यह कदम आमतौर पर तब उठाया जाता है जब जांच एजेंसी को बयानों की सत्यता पर संदेह होता है।
लाई डिटेक्टर टेस्ट से यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि कहीं घटना के पीछे कोई दबाव, साजिश या तथ्य छुपाने की कोशिश तो नहीं की गई। एजेंसी हर एंगल से मामले की जांच कर रही है, ताकि अंतिम रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित हो।
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Patna NEET Student Death Case में जहानाबाद से पटना तक जांच
मृत छात्रा का संबंध Jehanabad से बताया गया है। इसी कारण जांच टीम ने जहानाबाद और Patna के बीच कई दौर किए हैं। परिवार के सदस्यों, दोस्तों और सहपाठियों से भी पूछताछ हो रही है।
मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश है कि छात्रा पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव था या नहीं।
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
मामला अब पूरी तरह केंद्रीय एजेंसी के अधीन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक विश्लेषण और डिजिटल डेटा की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। यदि पुलिस या हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की सुरक्षा पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। अभिभावक अब पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सभी की नजरें अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमय मौत की असली वजह को सामने लाएगी।
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