Patna News: राजनीति से दूरी के बाद रोहिणी आचार्य के बेटे ने चुना अनुशासन और देशसेवा का रास्ता

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Patna News के तहत रोहिणी आचार्य के बेटे आदित्य ने शुरू की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग
Highlights
  • • रोहिणी आचार्य के बेटे आदित्य ने शुरू की 2 साल की सैन्य ट्रेनिंग • 18 साल की उम्र में अनुशासन और सेवा का बड़ा फैसला • मां का भावुक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल • राजनीति से दूरी के बाद परिवार पर फोकस • सिंगापुर में नेशनल सर्विस के तहत कड़ी ट्रेनिंग

बिहार की राजनीति और लालू परिवार से नाता तोड़ने के अपने चौंकाने वाले ऐलान के बाद रोहिणी आचार्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा की वजह कोई सियासी बयान नहीं, बल्कि उनके परिवार से जुड़ी एक भावुक और प्रेरणादायक खबर है। रोहिणी आचार्य के बड़े बेटे आदित्य ने 18 वर्ष की उम्र में जीवन की एक नई और चुनौतीपूर्ण यात्रा शुरू की है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद दो साल की कड़ी सैन्य ट्रेनिंग के लिए कदम बढ़ाया है, जिसे परिवार के लिए गर्व और आत्मबल का प्रतीक माना जा रहा है।

Patna News : 18 साल की उम्र में बड़ा फैसला

रोहिणी आचार्य ने सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की कि उनके बड़े बेटे आदित्य ने अपनी प्री-यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब वह दो साल की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए रवाना हो गया है। यह प्रशिक्षण युवाओं के जीवन में अनुशासन, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए जाना जाता है।

आदित्य का यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब रोहिणी आचार्य खुद अपने जीवन के एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं। राजनीति और पारिवारिक विवादों से दूरी बनाकर अब वह अपने बच्चों और परिवार को प्राथमिकता देने का संकेत दे चुकी हैं।

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Patna News : सिंगापुर की नेशनल सर्विस और बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग

Patna News: राजनीति से दूरी के बाद रोहिणी आचार्य के बेटे ने चुना अनुशासन और देशसेवा का रास्ता 1

सिंगापुर में यह सैन्य प्रशिक्षण नेशनल सर्विस के तहत आता है, जो वहां के अधिकांश पुरुष नागरिकों के लिए अनिवार्य माना जाता है। इस ट्रेनिंग का उद्देश्य युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से मज़बूत बनाना होता है। दो वर्षों की इस प्रक्रिया में अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व कौशल और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जाती है।

यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं होता, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व को पूरी तरह निखारने का काम करता है। इसी कारण इसे वहां की सामाजिक व्यवस्था का एक अहम स्तंभ माना जाता है।

Patna News : मां का भावुक संदेश बना चर्चा का केंद्र

अपने बेटे की तस्वीर साझा करते हुए रोहिणी आचार्य ने एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक संदेश लिखा। उन्होंने लिखा कि आज उनका दिल गर्व से भरा हुआ है और उनका बेटा साहसी व बहादुर है। उन्होंने उसे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।

रोहिणी ने यह भी लिखा कि जीवन की सबसे कठिन लड़ाइयों में ही सच्चे योद्धा तैयार होते हैं और पूरा परिवार हर कदम पर उसके साथ खड़ा है। यह संदेश सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया और लोगों ने मां-बेटे के इस रिश्ते की जमकर सराहना की।

Patna News : कैसी होती है यह कड़ी ट्रेनिंग

बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग को बेहद कठोर माना जाता है। इसमें रोज़ाना लंबी दौड़, पुश-अप्स, सिट-अप्स, परेड और फिजिकल ड्रिल शामिल होती है। इसके अलावा हथियारों की जानकारी, फायरिंग अभ्यास और रणनीतिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को जंगलों और खुले मैदानों में रहकर जीवनयापन की कला सिखाई जाती है। साथ ही प्राथमिक उपचार, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटना और समूह में काम करने का अभ्यास कराया जाता है। ट्रेनिंग के प्रदर्शन के आधार पर आगे चलकर उन्हें अलग-अलग यूनिट्स में जिम्मेदारी दी जाती है।

Patna News : राजनीति से दूरी और पारिवारिक संघर्ष

रोहिणी आचार्य का यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है जब उन्होंने हाल ही में लालू परिवार और सक्रिय राजनीति से खुद को अलग करने का सार्वजनिक ऐलान किया था। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राजद के भीतर चल रहे आंतरिक विवादों के दौरान उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी थी और कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए थे।

हालांकि इससे पहले वह अपने पिता को किडनी दान करने के बाद देशभर में एक आदर्श बेटी के रूप में पहचान बना चुकी थीं। यही कारण है कि उनके हर फैसले को लोग भावनात्मक और मानवीय दृष्टि से भी देखते हैं।

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Patna News : चुनावी सफर और वर्तमान जीवन

साल 2024 में रोहिणी आचार्य ने बिहार की सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें चुनावी सफलता नहीं मिल सकी, लेकिन उनका नाम लगातार चर्चा में बना रहा। वर्तमान समय में वह सिंगापुर में अपने परिवार के साथ रह रही हैं और राजनीति से दूरी बनाकर अपने बच्चों के भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

उनके बेटे आदित्य का यह कदम इसी नए जीवन अध्याय का प्रतीक माना जा रहा है, जहां राजनीति के शोर से दूर अनुशासन और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी जा रही है।

Patna News : संदेश साफ—परिवार पहले

इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो यह स्पष्ट होता है कि रोहिणी आचार्य अब अपने जीवन में प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं। बेटे का सैन्य प्रशिक्षण के लिए जाना न केवल व्यक्तिगत गर्व का विषय है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वह अपने बच्चों को आत्मबल, अनुशासन और संघर्ष की राह पर आगे बढ़ते देखना चाहती हैं।

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