प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा के तहत जापान गए थे। इस यात्रा के सपामन पर अपने समकक्ष पीएम शिगेरू इशिबा को शनिवार को उपहार दिए। उन्होंने रेमन कटोरे और चॉपस्टिक भेंट किए। साथ ही, इशिबा की पत्नी योशिको इशिबा को एक पश्मीना शॉल भी दी। यह उपहार भारतीय कला और जापानी भोजन संस्कृति का मिश्रण है। जापान के पीएम को दिए गए ये कटोरे आंध्र प्रदेश से लाए गए हैं। शॉल को कश्मीरी कारीगरों ने बनाया है और यह लद्दाख की चांगथांगी बकरी के ऊन से बनी है।
शिगेरू इशिबा को पीएम मोदी ने जो कटोरे दिए, उनमें एक बड़ा भूरा रंग का मूनस्टोन कटोरा है और चार छोटे कटोरे शामिल हैं। ये कटोरे जापान के डोंबुरी और सोबा खाने के तरीकों से प्रेरित हैं। आंध्र प्रदेश से लाए गए मूनस्टोन में चमक है। माना जाता है कि यह प्यार, संतुलन और सुरक्षा का प्रतीक है। बड़े कटोरे का आधार मकराना मार्बल से बना है। इस पर राजस्थान की पारंपरिक पारचीन करी शैली में कीमती पत्थर जड़े हैं।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने इशिबा की पत्नी योशिको इशिबा को एक पश्मीना शॉल भी भेंट की। यह शॉल लद्दाख की चांगथांगी बकरी के ऊन से बनी है। यह दुनिया भर में हल्की, मुलायम और गर्म होने के लिए जानी जाती है। कश्मीरी कारीगरों ने इसे हाथ से बुना है। यह सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जिसे कभी शाही परिवार पसंद करते थे। इस शॉल पर रस्ट, गुलाबी और लाल रंग के फूलों और पैस्ले के डिजाइन बने हैं। यह कश्मीरी डिजाइन और शिल्प कौशल को दर्शाता है।
यह शॉल हाथ से रंगे गए एक पेपर माशे बॉक्स में आती है। बॉक्स पर फूल और पक्षी बने हैं, जो इसकी सुंदरता और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाते हैं। शॉल और बॉक्स दोनों कश्मीर की कला, विरासत और सुंदरता का प्रतीक हैं। पीएम मोदी ने जो उपहार दिए, वे भारत और जापान के बीच दोस्ती और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दर्शाते हैं।
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