चेक से लेकर डिजिटल पेमेंट तक, यहां देखे रिजर्व बैंक गवर्नर के ऐलान की 10 बड़ी बातें

By Team Live Bihar 80 Views
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Desk: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा का ऐलान किया है. RBI ने इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया. लेकिन रिजर्व बैंक ने आम जनता की सहूलियत को बढ़ाने के लिए कई अहम ऐलान किए हैं.

आपको बता दें कि आरबीआई की नजर राजकोषीय घाटे को कम करने पर है. यही कारण है कि एक्सपर्ट पहले ही इस बात का अंदाजा लगा रहे थे कि ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. साथ ही ब्याज दरों को पहले ही काफी कम किया जा चुका है, ऐसे में इस बार भी उम्मीद कम थी. गौरतलब है कि आम बजट 2021-22 पेश होने के बाद पहली बार रिजर्व बैंक ने क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा की है. आइए जानते हैं कि रिजर्व बैंक गवर्नर के ऐलान की प्रमुख बातें क्या हैं :

  1. ब्याज दरों में बदलाव नहीं

RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, इसका मतलब रेपो रेट अभी भी 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर ही रहेगी.

  1. सभी ब्रांच में चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS)

रिजर्व बैंक ने कहा कि चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) सभी बैंकों की सभी शाखाओं में लागू किया जाएगा. अभी करीब 18,000 शाखाओं में यह सुविधा नहीं है.

  1. छोटे निवेशक भी खोल सकेंगे गिल्ट एकाउंट

शक्तिकांत दास ने कहा कि अब आम निवेशकों को भी रिजर्व बैंक में गिल्ट एकाउंट (gilt account) खोलने की सुविधा दी जाएगी. छोटे निवेशक अब प्राइमरी और सेकंडरी गवर्नमेंट बॉन्ड में निवेश कर पाएंगे. यह कदम छोटे निवेशकों को फिक्‍स्‍ड इनकम के सबसे सुरक्षित विकल्‍प में निवेश का मौका देगा. उनके पास बैंक के फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट के इतर एक सेफ ऑप्‍शन में पैसा लगाने का ऑप्‍शन होगा.

  1. डिजिटल पेमेंट के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन

रिजर्व बैंक ने कहा कि लोगों को डिजिटल पेमेंट सेवाओं में आने वाली किसी भी तरह की समस्या को दूर करने के लिए सभी पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स को एक 24×7 की हेल्पलाइन शुरू करनी होगी.

  1. एक देश एक लोकपाल

रिजर्व बैंक ने गवर्नर ने कहा कि अभी बैंक, एनबीएफसी और नॉन-बैंक प्रीपेड पेमेट इशुअर (PPIs) के लिए तीन अलग-अलग लोकपाल (Ombudsman) की व्यवस्था है. इसके लिए रिजर्व बैंक ने करीब 22 लोकपाल ऑफिस बनाए हैं. इसके लिए सभी को एकीकृत करते हुए ‘एक देश एक लोकपाल’ की व्यवस्था बनाने की कोश‍िश होगी.

  1. डबल डिजिट में दौड़ेगी अर्थव्यवस्था

रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी में 10.5 फीसदी की बढ़त का अनुमान लगाया है. आरबीआई ने कहा कि कोविड वैक्स‍ीनेशन अभ‍ियान शुरू होने की वजह से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी. रिजर्व बैंक ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और कम्पोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स में सुधार हो रहा है. ग्रोथ के लिए वातावरण काफी सुधरा है. इसलिए एमपीसी ने इस बार ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए फोकस किया है.

  1. महंगाई बढ़ेगी

रिजर्व बैंक ने कहा कि खुदरा महंगाई 6 फीसदी के सुविधाजनक स्तर से नीचे है. रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही के लिए खुदरा महंगाई (CPI) का अनुमान थोड़ा बढ़ाकर 5 से 5.2 फीसदी कर दिया है. पहले यह 4.6 से 5.2 फीसदी था.

  1. रियल एस्टेट में सुधार

RBI गवर्नर ने कहा कि धीरे-धीरे घरों की बिक्री में सुधार हुआ है, साथ ही अब लोगों के खर्च करने की क्षमता एक बार फिर रिकवर हो रही है. हाल ही में जो आम बजट पेश किया गया है, उससे निवेश की स्थिति सुधरने की उम्मीद है.

  1. CRR बढ़ेगा

रिजर्व बैंक ने कहा कि कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में अभी कोई बदलाव नहीं किया जा रहा, लेकिन आगे दो चरणों में इसे बढ़ाकर 4 फीसदी किया जाएगा. मार्च 27 तक यह 3.5 फीसदी और 22 मई तक 4 फीसदी होगा.

  1. सहकारी बैंकों की मजबूती

शक्तिकांत दास ने कहा कि सहकारी बैंकों को और मजबूत बनाने के लिए एक एक्सपर्ट कमिटी बनाई जाएगी जो यह सुझाव देगी कि इस सेक्टर को कैसे मजबूत किया जाए और इसके लिए क्या कानूनी बदलाव जरूरी हैं.

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