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जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर कुतुबपुर गांव की सड़क की स्थिति अब तक सुधार नहीं पाई है. सड़क की समस्या की मांग ग्रामीण पिछले कई साल से करते रहे हैं. लेकिन अब तक इस ओर सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं हो पाई है. नतीजतन ग्रामीणों को कीचड़ भरी सड़क से आना-जाना पड़ रहा है.

सारण जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हर एक गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने की योजना भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर के गांव पर लागू नहीं हो रही है. लोक कवि भिखारी ठाकुर के पैतृक गांव कुतुबपुर तक जाने के लिए सड़क तक नसीब नहीं है. यह गांव छपरा सदर प्रखंड में है. छपरा-आरा पथ करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है. ग्रामीणों द्वारा इस सड़क के जीर्णोद्धार की मांग किए जाने के बाद भी अब तक सड़क की सूरत नहीं बदल पाई है. लिहाजा ग्रामीण आज भी पानी और कीचड़ भरी सड़कों पर आवागमन कर रहे हैं.

सड़कों का जायजा लिया तो पाया कि वास्तव में सड़कों की स्थिति दयनीय है. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि तीन पंचयात में लाखों की आबादी है, लेकिन सरकार कि ओर से अभी तक कोई पहल नहीं की गई है. ग्रामीणों ने बताया कि अगर गांव में किसी की तबियत खराब होती है तो अस्प्ताल तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों ने कहा कि जब चुनाव आता है तो जनप्रतिनिधि आश्वासन देते हैं और जीतने के बाद भूल जाते हैं.

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