बिहार की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ, पूर्व उप मुख्यमंत्री और पद्मभूषण से सम्मानित स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की जयंती पर राजधानी पटना भावुक माहौल की साक्षी बनी। राजेन्द्र नगर स्थित सुशील मोदी स्मृति पार्क में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह अवसर केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस राजनीतिक विरासत को नमन करने का क्षण था, जिसने दशकों तक बिहार की दिशा और दशा तय की।
- Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Ceremony: स्मृति पार्क में उमड़ा सम्मान और भावनाओं का सैलाब
- Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Leaders Presence: सत्ता, संगठन और समाज की साझा श्रद्धांजलि
- Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Patna Event: श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में जयंती समारोह
- Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Political Legacy: संघर्ष, सादगी और सिद्धांतों की राजनीति
- Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Message: नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Ceremony: स्मृति पार्क में उमड़ा सम्मान और भावनाओं का सैलाब
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह राजेन्द्र नगर स्थित सुशील मोदी स्मृति पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री कुछ क्षणों के लिए मौन रहे। यह मौन शब्दों से अधिक भावनाएं कह रहा था।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित सत्ता और संगठन के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में सम्मान और स्मृतियों की झलक साफ दिखाई दे रही थी।
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Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Leaders Presence: सत्ता, संगठन और समाज की साझा श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, सांसद रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की धर्मपत्नी श्रीमती जेसी जॉर्ज ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। यह दृश्य बेहद भावुक था, जहां निजी पीड़ा और सार्वजनिक सम्मान एक साथ दिखाई दे रहे थे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, पूर्व विधायक अरुण कुमार सिन्हा, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।
Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Patna Event: श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में जयंती समारोह
प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचे, जहां स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की जयंती पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया। यहां मुख्यमंत्री ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, सांसद राधामोहन सिंह, भाजपा संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Political Legacy: संघर्ष, सादगी और सिद्धांतों की राजनीति
स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी को केवल एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि सिद्धांतों की राजनीति करने वाले व्यक्तित्व के रूप में याद किया गया। छात्र आंदोलन से शुरू हुआ उनका सफर उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद तक पहुंचा, लेकिन उनकी पहचान हमेशा सादगी, अनुशासन और संगठन के प्रति निष्ठा से जुड़ी रही।
जेपी आंदोलन से निकले नेताओं की उस पीढ़ी में सुशील कुमार मोदी का स्थान विशेष रहा। उन्होंने सत्ता में रहते हुए भी संगठन को प्राथमिकता दी और विपक्ष में रहते हुए भी मर्यादा नहीं छोड़ी। यही कारण है कि उनके जयंती समारोह में राजनीतिक सीमाओं से परे सम्मान देखने को मिला।
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Sushil Kumar Modi Statue Unveiling Message: नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
इस आयोजन के जरिए यह संदेश भी दिया गया कि राजनीति केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि समाज सेवा और विचारधारा की साधना है। सुशील कुमार मोदी की प्रतिमा अब आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएगी कि संघर्ष, ईमानदारी और अनुशासन से भी राजनीति में ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रतिमा अनावरण को राजनीतिक सौहार्द और आपसी सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन बिहार की राजनीति में एक सकारात्मक संदेश छोड़ गया है।
राजेन्द्र नगर से लेकर श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल तक श्रद्धा, स्मृति और सम्मान का जो सिलसिला देखने को मिला, उसने साफ कर दिया कि स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक विचार थे। उनकी आदमकद प्रतिमा अब उस विचार की स्थायी पहचान बन गई है, जो बिहार की राजनीति को दिशा देता रहेगा।
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