Tej Pratap Yadav News: दही-चूड़ा भोज में पहुंचे लालू यादव, नाराजगी खत्म होने के संकेत

आपकी आवाज़, आपके मुद्दे

5 Min Read
मकर संक्रांति पर तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे लालू यादव
Highlights
  • • मकर संक्रांति पर तेज प्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज • लालू यादव की मौजूदगी से नाराजगी खत्म होने के संकेत • राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी कार्यक्रम में शामिल • भाजपा नेताओं को भी दिया गया न्योता • बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के मौके पर बड़ा सियासी संदेश सामने आया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल हुए। यह मौजूदगी सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम मानी जा रही है। लंबे समय से चली आ रही नाराजगी की चर्चाओं के बीच लालू यादव का तेज प्रताप के कार्यक्रम में पहुंचना रिश्तों में आई नरमी और सुलह का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

Tej Pratap Yadav को मिला पिता लालू यादव का सार्वजनिक आशीर्वाद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लालू यादव ने इस दौरान साफ कहा कि वे अपने बेटे तेज प्रताप यादव से नाराज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप परिवार के साथ ही रहें और उन्हें हमेशा पिता का आशीर्वाद मिलता रहेगा। बीजेपी में जाने की अटकलों पर पूछे गए सवाल पर भी लालू यादव ने संयमित जवाब देते हुए कहा कि बेटे को उनका आशीर्वाद हमेशा रहेगा।
राजनीतिक गलियारों में इसे तेज प्रताप के भविष्य को लेकर एक सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

यह भी पढ़े : https://livebihar.com/nitish-kumar-dahi-chura-bhoj-bihar-politics/

Tej Pratap Yadav: राबड़ी आवास से भोज तक – एक दिन पहले ही दिया गया था न्योता

Tej Pratap Yadav News: दही-चूड़ा भोज में पहुंचे लालू यादव, नाराजगी खत्म होने के संकेत 1

इससे एक दिन पहले तेज प्रताप यादव राबड़ी आवास पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने पिता लालू यादव, मां राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात कर मकर संक्रांति के आयोजन का न्योता दिया था।
पुत्र के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए लालू यादव तेज प्रताप के यहां पहुंचने वाले पहले बड़े नेताओं में शामिल रहे। यह दृश्य खुद में कई राजनीतिक संदेश समेटे हुए था।

Tej Pratap Yadav: राज्यपाल समेत कई बड़े चेहरे कार्यक्रम में रहे मौजूद

तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी पहुंचे। इस दौरान लालू यादव और राज्यपाल के बीच गर्मजोशी से मुलाकात हुई और दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया।
कार्यक्रम में तेज प्रताप के बड़े मामा प्रभुनाथ यादव, साधु यादव और चेतन आनंद भी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेता और गणमान्य व्यक्ति भोज में शामिल हुए, जिससे इस आयोजन का सियासी कद और बढ़ गया।

Tej Pratap Yadav: BJP नेताओं को न्योता, विजय सिन्हा के भोज में भी दिखे थे तेज प्रताप

तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के आयोजन में भाजपा के कई बड़े नेताओं को भी आमंत्रित किया है। इससे पहले वे उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में भी शामिल हो चुके हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेज प्रताप यादव आने वाले दिनों में कोई बड़ा सियासी फैसला ले सकते हैं और उससे पहले अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए वे लगातार ऐसे सार्वजनिक और व्यापक आयोजनों के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

Do Follow us : https://www.facebook.com/share/1CWTaAHLaw/?mibextid=wwXIfr

Tej Pratap Yadav: तेजस्वी यादव दोपहर तक नहीं पहुंचे, लेकिन मुलाकात हो चुकी थी

हालांकि मकर संक्रांति के इस आयोजन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोपहर 12:30 बजे तक नहीं पहुंचे थे। इससे पहले दोनों भाइयों की मुलाकात जरूर हुई थी, जिसकी तस्वीरें सामने आई थीं। उन तस्वीरों में तेज प्रताप यादव अपनी भतीजी को गोद में लिए नजर आए थे, जिसे पारिवारिक रिश्तों में नरमी के संकेत के तौर पर देखा गया।

Tej Pratap Yadav: दही-चूड़ा भोज बना सियासी संकेतों का मंच

कुल मिलाकर, तेज प्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज सिर्फ मकर संक्रांति का पारंपरिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह बिहार की राजनीति में बदलते रिश्तों और संभावित नए समीकरणों का मंच बन गया। लालू यादव की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि परिवार और राजनीति—दोनों स्तरों पर हालात पहले से अलग दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं।

Do Follow us : https://www.youtube.com/results?search_query=livebihar

Share This Article