समस्तीपुर, संवाददाता
समस्तीपुर में डायलिसिस के लिए गए एक मरीज की डॉक्टर ने जीभ काट ली। इसके बाद डॉक्टर ने रुई-पट्टी डालकर उसके मुंह को बाहर से बांध दिया। इसके बाद परिजन से कहा, ‘इनकी दोनों किडनी फट गई है। इसलिए इनके मुंह से खून आ रहा है। ये चंद दिनों के मेहमान हैं। इन्हें घर ले जाइए।’
डॉक्टर के कहने पर परिजन मरीज को ले आए। अगले दिन मरीज को होश आया तो उसने इशारों में घरवालों से कहा, ‘मुझे दूसरे अस्पताल ले चलो।’ दूसरे अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टर ने मरीज की पट्टी खोली तो पता चला उसकी जीभ काट ली गई है। जबकि दोनों किडनी सही सलामत है।
ये पूरा मामला मामला विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर वार्ड 4 का है। जिसकी जीभ काटी गई है, उस मरीज का नाम सत्यनारायण पासवान (40) है। सत्यनारायण के भाई भरत पासवान ने बताया, ‘गांव के लोगों से चंदा इक्ट्ठा करके बेगूसराय के प्राइवेट अस्पताल में भाई का इलाज करा रहा हूं। उसकी हालत गंभीर है।’
जिस अस्पताल में मरीज की जीभ काटी गई, उस अस्पताल का नाम वैष्णवी अस्पताल है। वहां के मैनेजर मनीष झा ने बताया, ‘मुझे मीडिया के जरिए इसकी जानकारी मिली है कि मेरे अस्पताल के किसी डॉक्टर की लापरवाही से किसी मरीज की जीभ काटी गई है, लेकिन मरीज सत्यनारायण पासवान नाम से कोई पेशेंट मेरे यहां नहीं आया है। लगता है कि इसके पीछे कोई साजिश है।’
समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जहां तक मरीज की जीभ काटने की बात है, तो मुझे लगता है कि जब डायलिसिस मरीज की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगती है तो उसका एंडोस्कोपी किया जाता है। इस दौरान जीभ कट गई होगी, जब जीभ कटती है तो कंट्रोल करना बड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीज की मौत भी हो सकती है। मामला गंभीर है, इसमें डॉक्टर की लापरवाही दिख रही है। जांच की जाएगी।
वहीं, बेगूसराय के जिस प्राइवेट अस्पताल में सत्यनारायण का इलाज किया जा रहा है, वहां के डॉक्टर संजय कुमार का कहना है, ’25 फरवरी को विभूतिपुर से एक मरीज को लाया गया था, जिसकी हालत काफी गंभीर थी और उसके मुंह पर बैंडेज किया गया था। जब बैंडेज हटाया गया तो कटी हुई जीभ नीचे गिर गई। पेशेंट की हालत नाजुक है, इलाज चल रहा है।’
डॉक्टर ने डायलिसिस मरीज की जीभ काटी, फिर मुंह बांधा खून निकला तो परिजन से पेशेंट को ले जाने के लिए कहा
