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बिहार के मुखिया पुलिस की कार्यशैली सुधारने को लेकर चाहे जितने दावे कर लें लेकिन राजधानी की पुलिस सुधरने वाली नहीं है।थानेदार खुलेआम कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं. पटना के गर्दनीबाग के थानाध्यक्ष आरोपियों से मिले हुए हैं. अपराधियों को फायदा पहुंचाने को लेकर थानेदार खुलेआम कोर्ट की भी अवहेलना करने से बाज नहीं आ रहे। थानेदार ने कानून को ताक पर रखकर एक पीड़ित शिक्षिका की आबरू से खेलने वाले दबंग और उसके सहयोगियों को बचाने की साजिश रची है। यह आरोप है छेड़छाड़ की पीडिता शिक्षिका की। 

पटना के एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने दबंग वार्ड पार्षद पति एवं उसके सहयोगियों द्वारा किये गए छेड़छाड़,इज्जत से खिलवाड़ करने और जान से मारने की धमकी को लेकर 24 सितबंर 2020 को ही गर्दनीबाग थाना को केस दर्ज करने के लिए डाक से आवेदन भेजा। लेकिन थानाध्यक्ष ने कंप्लेन पर कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद पीड़ित शिक्षिका ने 29 सितंबर को थाना में जाकर अपने ऊपर हुए जुल्म की दास्तां बताई और गर्दनीबाग के दबंग पूर्व वार्ड पार्षद अविनाश कुमार उर्फ मंटू व उसके सहयोगियों पर केस दर्ज करने की गुहार लगाई। लेकिन थानेदार ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब थानाध्यक्ष ने केस नहीं लिया इसके बाद पीड़िता की तरफ से 1 अक्टूबर 2020 को पटना एसएसपी को आवेदन देकर केस दर्ज करने की गुहार लगाई,फिर भी केस दर्ज नहीं हुआ।

पीड़िता ने बताया कि जब पुलिस से इंसाफ नहीं मिला इसके बाद हमने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में हमने 12 नवंबर को आवेदन दिया। जिसमें गर्दनीबाग के वार्ड 14 के वार्ड पार्षद पति अविनाश कुमार उर्फ मंटू जो वर्तमान पार्षद श्वेता राय का पति एवं 4-5 अन्य बदमाश जिन लोगों ने हमें हवश का शिकार बनाने की कोशिश की,धमकाया एवं शरीर से छेडछाड़ की इन लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत की। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पटना ने परिवाद पत्र की प्रति 156(3)के तहत अनुसंधान हेतु पटना एसएसपी के माध्यम से गर्दनीबाग थाना प्रभारी को भेजा गया। परिवाद पत्र में कोर्ट की तरफ से धारा-323,354,354 बी,354 डी,339 आईपीसी के तहत कंप्लेन दर्ज करने संबंधी परिवाद थाना प्रभारी को भेजा। इसके बाद भी गर्दनीबाग थानाध्यक्ष ने केस दर्ज नहीं किया।

कोर्ट से परिवाद जाने के बाद भी जब थाना प्रभारी ने केस दर्ज नहीं किया,इसके बाद सीजेएएम पटना की अदालत से 16 दिसंबर को थानेदार के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी किया। थाना में थानेदार के खिलाफ वाला शो-कॉज नोटिस 16 दिसंबर दोपहर 2.30 बजे रिसीव हुआ। तब जाकर उसी दिन यानि 16 दिसंबर को थाना प्रभारी ने मेरा केस दर्ज किया। लेकिन यहां भी बदमाशों से मिलीभगत कर कोर्ट में दर्ज कंप्लेन केस की धारा को बदल दिया।

सीजेएम की अदालत के कंप्लेन संख्या-2851(c) 2020 में आईपीसी की धारा-323, 354, 354B,354 D,339 आईपीसी के तहत  थाना में परिवाद-पत्र भेजा था। लेकिन गर्दनीबाग थाना प्रभारी ने जो काफी जद्दोजहद के बाद 16 दिसंबर को 8 बजे केस दर्ज किया उसमें धारा के साथ छेड़छाड़ कर जमानतीय धारा का प्रयोग किया। पुलिस ने जो केस दर्ज किया है उसमें  धारा-341, 323, 354(D), 506 और 34 लगाया गया है। लेकिन यहां पर गर्दनीबाग थाना प्रभारी ने आरोपी अविनाश कुमार मंटू व उसके आदमी को बचाने के लिए गैरजमानतीय धारा 354,354 बी और 339 को हटा दिया।इसका अर्थ यह हुआ कि गर्दनीबाग थाना प्रभारी ने छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को बचाने की चाल चली। इससे मिलीभगत की बात प्रमाणित हो रही है। पटना न्यायालय के वकील बताते हैं कि कोर्ट की तरफ जिस धारा में कंप्लेन संबंधी आवेदन एसएसपी के माध्यम से थाना भेजा जाता है उसी धारा में थाना में केस दर्ज होता है। थानेदार को धारा हटाकर अलग धारा लगाने का अधिकार नहीं है। इस संबंध में थानेदार ने आरोपों को खारिज किया है. 

हमारी इज्जत लूटने की कोशिश की

हमारे स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने 16 सितंबर 2020 को  गर्दनीबाग वार्ड नंबर-14 के पूर्व वार्ड पार्षद अविनाश कुमार उर्फ मंटू के विरूद्ध छेड़छाड़ और रंगदारी मांगने का मामला गर्दनीबाग थाना कांड संख्या-474-2020 दर्ज कराई थीं। हम 19 सितंबर 2020 को उक्त केस की जांच पदाधिकारी को घटनास्थल जो संत पॉल्स इंटरनेशनल ब्यॉज एंड गर्ल्स स्कूल साधानपुरी  साईमंदिर के रास्ते में है उसे दिखलवा कर वापस अपना स्कूल कच्ची तालाब लौट रही थी, तभी गर्दनीबाग रोड संख्या-15 जो पूरी तरीके से सुनसान है वहां आरोपी पूर्व वार्ड पार्षद अविनाश कुमार मंटू अपने सहयोगियों के साथ गाड़ी रूकवाया और हथियार के बल पर गाली-गलौज करते हुए हमारे शरीर के साथ छेड़छाड़ की और हवश का शिकार बनाने की कोशिश की।साथ ही उनलोगों ने धमकाया कि अगर उक्त केस में गवाही दी तो इज्जत और जान दोनों गवां देगी।

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