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बिहार चुनाव की तारीखों के बीच एनडीए में अभी तक कोई सहमती नहीं बन सकी है. बिहार चुनावों को लेकर एनडीए घटक दलों में कुछ भी अब तक तय नहीं हो सका है. ऐसे में खबरें तेज हैं कि बिहार चुनावों में एनउीए एकजुट नहीं दिखेगी यानी कि एनडीए में बड़ी टूट हो सकती है. 2 अक्टूबर की रात से ही एनडीए में सबकुछ सही नहीं होने की बात सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि एलजेपी के तेवर थंठे नहीं पड़े हैं और चिराग पासवान जल्द ही एनडीए से बाहर हो जाएंगे.

लेकिन बिहार तक की एक खबर की माने तो लोजपा सुप्रीमों चिराग पासवान ने अंमित फैसला तो लिया है लेकिन इसमें पांच तरह की संभावनाएं हैं. चैनल की खबर के अनुसार कहा जा रहा है कि चिराग ने पांच तरह की संभावनाओं की बातें कहीं है. इसमें पहली संभावना हैं कि अगर बिहार में बीजेपी ओर जदयू साथ रहे तो एलजेपी चुनाव अलग से लड़ेंगी. यानि ऐसी संभावनाओं में उनकी पार्टी 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. दूसरी संभावना यह हैं कि अगल बीजेपी और जदयू में बात नहीं बनी तो वो बीजेपी के संग जाएंगे और जदयू के खिलाफ ही अपने उम्मीदवार उतारेंगे.

इसके अलावा दूसरा चिराग की ओर से एक और बात यह सामने आई हैं कि अगर तीनों दलों अलग – अलग चुनाव लड़ेंगे तो चुनाव के बाद बीजेपी को एलजेपी सरकार बनाने के लिए स्र्पोट देगी. आपको बता दें कि इस चुनाव को लेकर आज लोजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक होने को है. जो चिराग के लिए ​बहुत इम्पोर्टेन्ट है. वहीं इस बीच यह भी गौर करनेवाली बात है कि कल देवेन्द्र फडनवीस और नीतीश में मुलाकात होने को थी लेकिन फडनवीस बिना मिले ही वापस लौट गए. यानि की बीजेपी और जदयू में भी सबकुछ ठीक नहीं है.

आपको बता दें कि महागठबंधन में जहां सीटों का पेंच अब कसता हुआ दिख रहा है तो एनडीए में यह पेंच पहले फेज के लास्ट नॉमिनेशन डेट के पास आने के साथ ही ढ़ीला होता जा रहा है. चिराग, नीतीश, नड्डा और शाह किसी में भी कोई बात नहीं बन हो सकी है. सीटों को लेकर मामला लागातार फंसता जा रहा है.

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