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Desk: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) से एक अणे मार्ग स्थित सीएम आवास पर जाकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने रविवार (31 जनवरी ) को मुलाकात की। इस दौरान जदयू (JDU) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद बशिष्ठ नारायण सिंह (Vashishthh Narayan Singh) भी मौजूद थे। करीब एक घंटे की मुलाकात में दोनों के बीच बहुत सारी बातें हुईं। सूत्रों का दावा है कि सबकुछ सही रास्ते पर है। आगे का इंतजार कीजिए। मुलाकात के बाद सीएम आवास से बाहर निकले कुशवाहा ने भी स्वीकार किया कि नीतीश से वह कभी अलग नहीं थे। हां, हमारी अपनी-अपनी राजनीति है। आगे के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

बन सकते हैं नए सियासी समीकरण

बहरहाल, दोनों नेताओं के बीच इस मुलाकात को लेकर सियासत में फिर नए राजनीतिक समीकरण (New political equation) बनने और सियासी उलटफेर की चर्चा गरम हो गई है। हालांकि कुशवाहा ने खुद इस मुलाकात के बारे में ज्यादा बताने से परहेज किया, लेकिन सूत्रों का दावा है कि विलय (merger) की बात आगे बढ़ गई है। कुछ अड़चन है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। वैसे रालोसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को राजग से बाहर का रास्ता दिखाने पर आमदा जदयू ने रालोसपा को साथ आने का ऑफर दिया है। किंतु प्रत्यक्ष तौर पर कुशवाहा जदयू में रालोसपा के विलय के सवाल को खारिज करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जदयू को भी अपनी भावना से अवगत करा दिया गया है।

पिछले महीने भी हुई थी मुलाकात

दोनों नेताओं की यह तीसरी मुलाकात है। पहली बार विधानसभा चुनाव (state assembly elections) के नतीजे (result) आने के बाद दोनों मिले थे। उसके बाद दो दिसंबर को मिलना हुआ था। तब भी जदयू में रालोसपा के विलय की बात उठी थी, लेकिन उस वक्त भी कुशवाहा ने जदयू में अपनी पार्टी का विलय करने से साफ इन्कार कर दिया था। फिर भी चर्चा है कि कुशवाहा और नीतीश कुमार की मुलाकात का परिणाम जल्द सामने आएगा और बिहार में नया राजनीतिक समीकरण बन सकता है। फिलहाल, इस मुलाकात को विधान परिषद (state legislative Council) की राज्यपाल कोटे की खाली 12 सीटों को भरे जाने के मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

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