क्या फिर से होगी लालू और उनके समधी चंद्रिका राय की दोस्ती, क्या कहते हैं समीकरण

By Team Live Bihar 73 Views
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बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां जोरो पर है। ऐसे में पहले चरण को लेकर नामांकन हो चुके हैं। वहीं दूसरे चरण का नामांकन शुरू है। ऐसे में सबसे ज्यादा चर्चा हैं लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की। वे कल दूसरे चरण के नामांकन को लेकर अपना पर्चा भरने जा रहे हैं। वे पर्चा महुआ से नहीं बल्कि हसनपुर से भरेंगे। यानि तेजप्रताप ने इस बार अपनी सीट बदल ली है। लेकिन उनकी पत्नी ऐश्वार्या के चुनाव लड़ने के कयास अब खत्म हो चुके हैं। ऐसे में कई लोग यह कयास लगा रहे हैं कि क्या चुनाव बाद अगर समीकरण बदले तो क्या लालू परिवार और चंद्रिका परिवार में फिर से दोस्ती होगी?

बता दें कि चुनाव की घोषणा होने के पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि ऐश्वार्या राय तेजस्वी या तेज प्रताप में से किसी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन टिकटों के बंटवारे की लिस्ट सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि ऐश्वर्या चुनाव नहीं लड़ रही हैं। लेकिन शुरू से ही ऐसी खबरें आ रही थी कि तेजप्रताप अपनी महुआ विधानसभा की सीट को छोड़ हसनपुर जा सकते हैं और इसे पीछे एक बड़ा कारण ऐश्वर्या को बताया जा रहा था। बिहार विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट होते ही तेज प्रताप यादव महुआ छोड़ हसनपुर में रोड शो कर बता दिया था कि अगला चुनाव हम हसनपुर से ही लड़ेंगे। रविवार को पार्टी की तरफ से उन्हें सिंबल भी दे दिया गया। हसनपुर से तेज प्रताप के खिलाफ राजकुमार राय जदयू उम्मीदवार हैं। 2015 में राजकुमार राय बीजेपी विधायक थे लेकिन पाला बदलकर जदयू में शामिल हो गएतेजस्वी राघोपुर से चुनाव लड़ेंगे।

आपको बता दें कि चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले तेजस्वी ने ऐश्वार्या की बहन और चंद्रिका राय की भतीजी करिश्मा को आरजेडी की सदस्यता दिला दी थी। तब से ही ऐसे कयास लग रहे थे कि ये कयास लगाए जा रहे थे कि करिश्मा को चंद्रिका राय के खिलाफ परसा से चुनाव लड़ाया जा सकता है, लेकिन आरजेडी ने परसा में लोजपा से आए छाेटे लाल राय को टिकट दे दिया है। चंद्रिका और छोटे लाल राय इससे पहले भी एक दूसरे के सामने चुनाव लड़ते रहे हैं।

बता दें कि अभी तक करिश्मा को पार्टी ने चुनावी प्रचार का हिस्सा भी नहीं बनाया है। लालू परिवार के लिए महुआ सीट भी महत्वपूर्ण है। यहां से भी चंद्रिका राय के परिवार से कोई मैदान में नहीं है। जदयू ने यहां से इलियाक हुसैन की बेटी को मैदान में उतारा है। ये समीकरण बताते हैं कि लालू यादव ने अभी भी अपने समधी चंद्रिका राय से दोस्ती की गुंजाइश को बचा कर रखा है। हालांकि तेज प्रताप व ऐश्वार्या का मामला कोर्ट में चल रहा है।

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