पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत का मामला अब केवल एक आपराधिक जांच नहीं, बल्कि नीतीश सरकार की जवाबदेही और पुलिस जांच की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल बन चुका है। जैसे-जैसे इस केस में परिजनों की आपत्तियां और राजनीतिक दबाव बढ़ा है, वैसे-वैसे सरकार के भीतर भी असहजता साफ दिखने लगी है। इसी कड़ी में बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का मीडिया सवालों से बचते हुए चुपचाप निकल जाना अब सियासी बहस का नया केंद्र बन गया है।
Bihar News: नीट छात्रा मौत केस में मंत्री श्रेयसी सिंह का सवालों से किनारा
पटना में आयोजित एक खेल कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से नीट छात्रा हत्याकांड को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि सवाल सुनते ही मंत्री सिर्फ “थैंक यू… थैंक यू” कहते हुए वहां से चली गईं।
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर सरकार के मंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बोलने से क्यों बच रहे हैं।
यह वही मामला है जिसमें शुरुआत से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। पहले इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक संकेत और परिजनों के आरोपों ने इस थ्योरी को कमजोर कर दिया।
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Bihar News: CBI जांच की सिफारिश से सरकार ने खुद पुलिस पर उठाए सवाल

नीट छात्रा मौत मामले में हाल ही में राज्य सरकार ने CBI जांच की अनुशंसा कर दी है। यह कदम अपने-आप में बहुत कुछ कहता है। आमतौर पर जब सरकार अपनी ही एजेंसियों की जांच से संतुष्ट नहीं होती, तभी केंद्रीय एजेंसी को बुलाने की जरूरत पड़ती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CBI जांच की सिफारिश दरअसल यह स्वीकारोक्ति है कि शुरुआती जांच में गंभीर चूक हुई है।
याद दिला दें कि इससे पहले शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस में भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे, जिसके बाद कई पुलिस अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई थी। ऐसे में यह मामला भी उसी कड़ी का अगला अध्याय माना जा रहा है, जहां प्रशासनिक जवाबदेही कठघरे में है।
Bihar News: परिजनों की DGP से मुलाकात के बाद बदला रुख
नीट छात्रा के परिजनों ने हाल ही में बिहार के DGP से मुलाकात कर जांच की दिशा और निष्कर्षों पर गंभीर आपत्ति जताई थी। परिजनों का साफ कहना था कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध है।
इसके बाद सरकार का CBI जांच की ओर झुकाव यह संकेत देता है कि दबाव अब केवल विपक्षी राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक आक्रोश भी इसमें जुड़ चुका है।
Bihar News: विपक्ष बोला—मंत्रियों की चुप्पी खुद गवाही है
मंत्री श्रेयसी सिंह की चुप्पी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार के पास जवाब होते, तो मंत्री मीडिया से भागती नहीं।
उनका तर्क है कि एक तरफ सरकार न्याय की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मंत्री सवाल सुनते ही मंच छोड़ रही हैं।
हालांकि सत्तापक्ष के समर्थकों का कहना है कि कार्यक्रम का मंच अलग था और मंत्री उस समय राजनीतिक सवालों का जवाब देने की स्थिति में नहीं थीं। लेकिन यह दलील भी जनता को संतुष्ट करती नहीं दिख रही।
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Bihar News: क्या यह मामला सरकार के लिए टर्निंग पॉइंट बनेगा?
नीट छात्रा मौत मामला अब उस मोड़ पर है, जहां हर बयान, हर चुप्पी और हर फैसला राजनीतिक अर्थ ले रहा है।
CBI जांच की सिफारिश, पुलिस की शुरुआती कहानी पर सवाल, और अब मंत्रियों की खामोशी—ये सभी संकेत देते हैं कि सरकार इस मामले को लेकर रक्षात्मक मुद्रा में आ चुकी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि CBI जांच में शुरुआती जांच की खामियां उजागर होती हैं, तो इसका असर सिर्फ इस केस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार की कानून-व्यवस्था की छवि पर भी पड़ेगा।
Bihar News: आगे क्या—केंद्र के फैसले पर टिकी निगाहें
अब सबकी नजर केंद्र सरकार पर है कि वह CBI जांच को मंजूरी देती है या नहीं।
अगर CBI जांच शुरू होती है, तो यह साफ हो जाएगा कि मामला आत्महत्या था या किसी बड़े अपराध की परतें अभी खुलनी बाकी हैं।
नीट छात्रा का यह केस अब सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय, जवाबदेही और सिस्टम की साख से जुड़ा सवाल बन चुका है।
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