औरंगाबाद, संवाददाता
औरंगाबाद में मधुमेह के बढ़ते मामलों और इसके दुष्प्रभावों को रोकने के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन होने जा रहा है। यह सम्मेलन 29 और 30 मार्च को एमएलएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। रिसर्च सोसायटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया के बिहार चैप्टर द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में बिहार के 280 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य राज्यों से 20 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉक्टर भी इसमें भाग लेंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन 29 मार्च को शाम 7 बजे होगा। आरएसएसडीआई के अध्यक्ष डॉ. अनुज माहेश्वरी मुख्य अतिथि होंगे। सीसीडीएसआइ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. एन. राय और आईसीपी के डीन डॉ. कमलेश तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 15 से अधिक वैज्ञानिक सत्र होंगे। 75 से अधिक विशेषज्ञ मधुमेह के कारण, उपचार और रोकथाम पर अपने शोध प्रस्तुत करेंगे। नई दवाओं, इंसुलिन तकनीकों और स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष चर्चा होगी।
आयोजन सचिव डॉ. बी. के. सिंह के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य डायबिटीज के इलाज और नियंत्रण को लेकर डॉक्टरों और समाज को जागरूक करना है। युवा डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किया गया है। वे डायबिटीज के उपचार और नए शोधों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों के लिए प्रभावी और कम खर्चीले इलाज पर भी अपने अनुभव साझा करेंगे।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत तेजी से मधुमेह की राजधानी बनता जा रहा है। यह बीमारी अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। संयमित जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज को लेकर समाज में कई भ्रांतियां हैं। लोग वैज्ञानिक उपचार के बजाय घरेलू नुस्खों पर भरोसा कर लेते हैं, जिससे बीमारी और गंभीर हो जाती है। मधुमेह रोगियों को सटीक चिकित्सकीय परामर्श और आधुनिक उपचार अपनाना चाहिए।
डायबिटीज विशेषज्ञों का औरंगाबाद में होगा राज्य स्तरीय सम्मेलन
