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पटनाः शीतकालीन सत्र के चौथे दिन विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने भारी हंगामा मचाया। बीजेपी के साथ साथ पूरा विपक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और बीजेपी के विधायक वेल में पहुंच गए। भारी हंगामे के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित करना पड़ा।

दरअसल, शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सदन में दिए गए अमर्यादित बयान को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सदन के भीतर और बाहर अपने बयान के लिए माफी मांगने के बावजूद विपक्षी दल मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सदन में सरकार की तरफ से जातीय गणना पर चर्चा के बाद से विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही हंगामें के भेंट चढ़ रही है।

गुरुवार को विधानसभा में कार्यवाही शुरू होने के साथ ही बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों के विधायक मुख्यमंत्री से उनके अमर्यादित बयान के लिए इस्तीफा की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह से दोनों सदनों की गरीमा को आघात पहुंचाया है, सिर्फ माफी मांग लेने भर से उन्हें माफ नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री के बयान के कारण पूरे विश्व में भारत की बेइज्जती हुई है। इसी बात को लेकर बीजेपी के विधायक वेल में पहुंच गए और हंगामा करने लगे।

स्पीकर के बार बार मना करने के बावजूद विपक्षी सदस्य मानने को तैयार नहीं थे। बीजेपी के विधायक टेबल पटकने लगे और कुर्सी को हाथ में ले लिया। सदन के भीतर हातापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात को बिगड़ता देख स्पीकर ने पहले 12 बजे तक सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर दो बजे तक कर दिया।

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